Startup Policy Forum ने 'DeepVerse' नाम से एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह पहल देश के डीपटेक फाउंडर्स, इन्वेस्टर्स और पॉलिसीमेकर्स के बीच की दूरी को मिटाएगी, ताकि सेमीकंडक्टर और एयरोस्पेस जैसे जटिल सेक्टरों में सरकारी नियमों को आसान बनाया जा सके।
पॉलिसी और स्टार्टअप्स के बीच नया पुल\n\nइंडस्ट्री-लेड ग्रुप 'Startup Policy Forum' (SPF) ने अब 'DeepVerse' के जरिए एक सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसका मकसद भारत में डीपटेक इनोवेशन और सरकारी रेगुलरिटी फ्रेमवर्क के बीच तालमेल बिठाना है। यह केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह कंपनियों के लिए एक स्ट्रक्चर्ड फीडबैक लूप के रूप में काम करेगा।\n\n### चुनौतियां और अवसर\n\nसेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, एयरोस्पेस और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स को कंज्यूमर-फेसिंग स्टार्टअप्स के मुकाबले काफी बड़ी पूंजी और लंबे रिसर्च टाइमलाइन की जरूरत होती है। DeepVerse का लक्ष्य फाउंडर्स की जरूरतों को सीधे पॉलिसीमेकर्स तक पहुँचाना है, जिससे भविष्य में निवेश के अनुकूल नियम बन सकें।\n\n### अनुभवी दिग्गजों का साथ\n\nयह प्रोजेक्ट '#100DesiDeepTechs' पहल का उत्तराधिकारी है और इसे MeitY Startup Hub तथा DPIIT का समर्थन प्राप्त है। इसकी एडवाइजरी बोर्ड में Ather Energy के को-फाउंडर तरुण मेहता और Skyroot Aerospace के को-फाउंडर पवन चंदाना जैसे दिग्गज शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि नीतियां व्यावहारिक जमीन से जुड़ी हों।\n\n### निवेशकों के लिए क्यों है अहम?\n\nडीपटेक सेक्टर में अक्सर 10 साल से अधिक का समय लगता है, ऐसे में पॉलिसी में स्थिरता निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए सबसे जरूरी है। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इन सुझावों को कितनी तेजी से लागू करती है। इन्वेस्टर्स अब इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या यह प्लेटफॉर्म वास्तव में नियम-कानूनों की बाधाओं को कम कर पाता है या नहीं।