Startup Policy Forum ने भारत के डीप-टेक इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए 'DeepVerse' पेश किया है। यह नया हब स्पेस-टेक और सेमीकंडक्टर समेत **10** प्रमुख सेक्टर्स को सरकारी नियमों और फंड तक आसान पहुंच प्रदान करने में मदद करेगा।
एक परमानेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत
6 अक्टूबर, 2026 को Startup Policy Forum (SPF) ने आधिकारिक तौर पर 'DeepVerse' का अनावरण किया। यह कोई अस्थायी प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक परमानेंट इंफ्रास्ट्रक्चर है जिसे डीप-टेक स्टार्टअप्स की नियामक (regulatory) बाधाओं और पूंजी जुटाने की चुनौतियों को हल करने के लिए बनाया गया है।
किन 10 क्षेत्रों पर होगा फोकस?
यह प्लेटफॉर्म बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन, स्पेस टेक्नोलॉजी, डिफेंस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और क्लीन एनर्जी पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करेगा। हर सेक्टर के लिए अलग-अलग नीतिगत सुझाव दिए जाएंगे ताकि स्टार्टअप्स को उनकी जरूरत के हिसाब से मदद मिल सके।
क्यों है यह मार्केट के लिए जरूरी?
डीप-टेक स्टार्टअप्स का रास्ता आसान नहीं होता। इन्हें अन्य सॉफ्टवेयर कंपनियों के मुकाबले अधिक पूंजी (capital) की जरूरत होती है और प्रॉफिटेबल होने में भी ज्यादा समय लगता है। DeepVerse का लक्ष्य स्टार्टअप संस्थापकों और नीति निर्माताओं के बीच की दूरी को मिटाना है, ताकि भारत में हाई-ग्रोथ टेक कंपनियां तेजी से आगे बढ़ सकें।
कौन दे रहा है सपोर्ट?
प्लेटफॉर्म को 3 टियर स्ट्रक्चर (Deep Core, Deep Circle, और Patrons) में बांटा गया है। इसमें Accel, Bessemer Venture Partners और Lightspeed जैसे बड़े वेंचर कैपिटल फर्म्स के दिग्गज शामिल हैं। साथ ही, Ather Energy और Skyroot Aerospace जैसे सफल स्टार्टअप्स के फाउंडर्स का अनुभव भी इस प्लेटफॉर्म को और मजबूत बनाता है।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह के नीतिगत मंचों की सफलता सरकारी सहयोग और लंबी अवधि की स्थिरता पर निर्भर करती है। हालांकि, यह कदम स्टार्टअप्स के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है, और मार्केट की नजरें इस पर टिकी हैं कि ये सुझाव कब तक जमीनी हकीकत में बदलते हैं।
