होम सर्विसेज स्टार्टअप Snabbit के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौती भरा रहा। कंपनी ने महज ₹12.2 करोड़ के रेवेन्यू के मुकाबले ₹168 करोड़ का भारी-भरकम ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया है, जो इस सेक्टर में बढ़ते कैश बर्न (Cash Burn) को दर्शाता है।
बेंगलुरु स्थित हाइपरलोकल सर्विसेज स्टार्टअप Snabbit ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रिपोर्ट कार्ड से पता चलता है कि 10-मिनट ऑन-डिमांड सर्विस मॉडल को स्केल करना कितना महंगा साबित हो रहा है। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू केवल ₹12.2 करोड़ रहा, जबकि कुल खर्च ₹195 करोड़ तक पहुंच गया। इसके चलते कंपनी को ₹168 करोड़ का ऑपरेटिंग लॉस उठाना पड़ा। इतना ही नहीं, ऑपरेशन के पहले पूरे साल में कंपनी का EBITDA लॉस ₹181.5 करोड़ रहा है।\n\n### खर्चों का गणित\nकंपनी की बैलेंस शीट बताती है कि कॉम्पिटिटिव मार्केट में टिके रहने के लिए कंपनी ने पानी की तरह पैसा बहाया है। मार्केटिंग पर कंपनी ने ₹48.7 करोड़ खर्च किए, जबकि सर्विस डिलीवरी से जुड़े प्रोफेशनल खर्च ₹63.1 करोड़ रहे। इसके अलावा, अपनी वर्कफोर्स और नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कंपनी ने कर्मचारियों पर ₹46 करोड़ खर्च किए हैं।\n\n### सेक्टर में कंसोलिडेशन और दबाव\nSnabbit की स्थिति इंस्टेंट होम सर्विसेज इंडस्ट्री में जारी 'कैश बर्न' की बड़ी कहानी का हिस्सा है। Urban Company और Pronto जैसे दिग्गज भी इसी तरह के बड़े खर्चों से जूझ रहे हैं। अप्रैल 2026 में $350 मिलियन की वैल्यूएशन पर $112 मिलियन की फंडिंग जुटाने के बावजूद कंपनी की आर्थिक सेहत चिंता का विषय है।\n\nमार्केट में कंसोलिडेशन के संकेत भी मिल रहे हैं। Snabbit ने हाल ही में Pync के संस्थापकों को अपने साथ जोड़ा है, जो इस बात का संकेत है कि छोटी कंपनियां मार्केट में सर्वाइव करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी कब तक सस्टेनेबल यूनिट इकोनॉमिक्स की तरफ बढ़ पाएगी।
