होम-सर्विसेज स्टार्टअप Snabbit ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹12.2 करोड़** के ऑपरेटिंग रेवेन्यू के मुकाबले **₹168 करोड़** का बड़ा नुकसान दर्ज किया है।
इंस्टेंट होम-सर्विसेज देने वाली कंपनी Snabbit का फाइनेंशियल परफॉरमेंस फिलहाल निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कंपनी ने अब तक $112 मिलियन की फंडिंग जुटाई है, लेकिन मार्केट शेयर हासिल करने की दौड़ में इसका कैश बर्न काफी तेजी से बढ़ा है।
तेजी और प्रतिस्पर्धा
कंपनी के CEO आयुष अग्रवाल ने इन आंकड़ों का बचाव करते हुए कहा है कि कंपनी अभी तेजी से विस्तार (Expansion) के दौर में है। साल की शुरुआत में कंपनी के डेली जॉब वॉल्यूम 500 थे, जो साल के अंत तक बढ़कर 35,000 हो गए हैं, यानी इसमें 70 गुना का इजाफा हुआ है। इस दौरान 20,000 सर्विस वर्कर्स को जोड़ा गया और करीब 10 लाख नए ग्राहक बनाए गए। हालांकि, Urban Company और Pronto जैसे स्थापित ब्रांडों के बीच अपनी जगह बनाना Snabbit के लिए एक बड़ी चुनौती है।
यूनिट इकोनॉमिक्स पर फोकस
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि वे यूनिट इकोनॉमिक्स में सुधार का दावा कर रहे हैं। मैनेजमेंट के अनुसार, प्रति जॉब होने वाला नुकसान, जो साल की शुरुआत में ₹1,500 था, वह साल के अंत तक घटकर ₹200 से कम रह गया है। कंपनी अब होम कुकिंग और सैलून जैसी हाई-फ्रीक्वेंसी सर्विसेज पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि फिक्स्ड कॉस्ट को बेहतर तरीके से कवर किया जा सके।
निवेशकों की राह
निवेशकों की नजर अब इस पर है कि क्या Snabbit बिना भारी डिस्काउंट के अपने ग्राहकों को बनाए रख सकती है या नहीं। भविष्य में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने रेवेन्यू को खर्चों की तुलना में कितनी तेजी से बढ़ा पाती है।
