Skegen Asset Management, जिसे भारत बायोटेक के प्रमोटर्स का समर्थन प्राप्त है, भारतीय मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप्स में निवेश के लिए ₹3,000-5,000 करोड़ का नया फंड लॉन्च करने जा रही है। यह दूसरा फंड संस्थापक परिवार के साथ संस्थागत निवेशकों को शामिल करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है, जिसका मुख्य फोकस कैपिटल-इंटेंसिव फिजिकल बिज़नेस पर होगा।
Skegen Asset Management LLP, जो भारत बायोटेक के प्रमोटर परिवार द्वारा समर्थित एक निवेश फर्म है, ₹3,000 करोड़ से ₹5,000 करोड़ के लक्ष्य के साथ अपना दूसरा फंड जुटाने की योजना बना रही है। इस नए फंड का मकसद भारतीय मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना है। फर्म का यह कदम सर्विस या सॉफ्टवेयर-आधारित व्यवसायों के बजाय फिजिकल प्रोडक्शन सेक्टर की विकास क्षमता में उनके निरंतर विश्वास को दर्शाता है।
यह डेवलपमेंट फर्म के लिए एक संरचनात्मक विकास का संकेत है। जहां फर्म का पहला फंड, जिसका मूल्य लगभग ₹2,500 करोड़ था, पूरी तरह से प्रमोटर परिवार द्वारा वित्त पोषित था, वहीं नए फंड का उद्देश्य संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करना है। संस्थापक परिवार एक महत्वपूर्ण भागीदार बना रहेगा, लेकिन बाहरी संस्थागत पूंजी का समावेश एक अधिक विविध और पेशेवर रूप से प्रबंधित निवेश मॉडल की ओर बढ़ने का संकेत देता है। भारत बायोटेक के चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर और संस्थापक परिवार के सदस्य, Raches Ella ने पुष्टि की है कि फर्म इस बड़े, दूसरे फंड को तैनात करने की तैयारी कर रही है।
ठोस संपत्तियों पर रणनीतिक फोकस
इस फंड का निवेश दर्शन मैन्युफैक्चरिंग और टेंजिबल एसेट्स (ठोस संपत्तियों) पर केंद्रित है। फर्म के अनुसार, AI-संचालित या सॉफ्टवेयर-आधारित उद्योगों में देखे जाने वाले तेज, अक्सर विघटनकारी परिवर्तनों के प्रति फिजिकल एसेट्स वाली कंपनियां अधिक प्रतिरोधी होती हैं। एडवांस्ड मैटेरियल्स, डिफेंस टेक्नोलॉजी और प्रिसिजन इंजीनियरिंग से जुड़ी कंपनियों का समर्थन करके, Skegen एक लंबी समय-सीमा में वैल्यू बनाने का लक्ष्य रखती है। वे अक्सर इन पोर्टफोलियो कंपनियों द्वारा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पर विचार करने से पहले तीन से पांच साल की अवधि का अनुमान लगाते हैं।
पहले फंड का ट्रैक रिकॉर्ड इस रणनीति के लिए एक टेम्पलेट के रूप में काम करता है। फर्म ने पहले सागर डिफेंस इंजीनियरिंग जैसी कंपनियों में निवेश किया है, जिसने IPO प्रक्रिया शुरू की है, और रघु वामसी मशीन टूल्स, जो पब्लिक लिस्टिंग की भी योजना बना रही है। अन्य उल्लेखनीय पोर्टफोलियो संस्थाओं में एडवांस्ड मैटेरियल्स फर्म मिडवेस्ट लिमिटेड और B2B मैन्युफैक्चरर कॉन्टिनेंटल कॉफी शामिल हैं। Skegen की रणनीति इन कंपनियों में 10-25% हिस्सेदारी लेना है, जिससे न केवल पूंजी मिलती है, बल्कि भारत बायोटेक के 120 देशों में फैले मौजूदा ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के माध्यम से मार्केट एक्सेस भी मिलता है।
निवेशक संदर्भ और जोखिम
बाजार सहभागियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि भारत बायोटेक एक प्राइवेट कंपनी है और किसी भी भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नहीं है। परिणामस्वरूप, Skegen Asset Management द्वारा यह फंडरेज़ एक प्राइवेट वेंचर कैपिटल पहल है और यह रिटेल निवेशकों को फर्म या इसकी पोर्टफोलियो कंपनियों के शेयरों को खरीदने का कोई अवसर प्रदान नहीं करता है।
इस प्रकार के निवेश में निहित जोखिमों में अनलिस्टेड मैन्युफैक्चरिंग एसेट्स की इलिक्विडिटी (नकदी की कमी) और पूंजी वसूली के लिए आवश्यक लंबी अवधि शामिल है। इसके अलावा, जैसे-जैसे फर्म विशुद्ध रूप से फैमिली-बैक्ड मॉडल से संस्थागत निवेशकों को शामिल करने वाले मॉडल में परिवर्तित होती है, उसे प्रदर्शन, गवर्नेंस और फंड प्रबंधन के संबंध में बढ़ते हुए जांच का सामना करना पड़ेगा। इस नए फंड की सफलता फर्म की मैन्युफैक्चरिंग व्यवसायों को स्केल करने, परिचालन लागतों का प्रबंधन करने और अपनी पोर्टफोलियो कंपनियों के लिए सफल एग्जिट स्ट्रेटेजी को निष्पादित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
