भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप्स में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। खबर है कि कम से कम 6 AI स्टार्टअप्स प्रमुख निवेशकों से फंड जुटाने के लिए एडवांस टॉक्स (Advanced Talks) में हैं।
भारतीय वेंचर कैपिटल (Venture Capital) सेक्टर में AI स्टार्टअप्स की धूम मची हुई है। खबर है कि मॉडल इवैल्यूएशन, कंज्यूमर कोचिंग और ई-कॉमर्स टेक्नोलॉजी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही कम से कम 6 AI कंपनियां नए फंड जुटाने के लिए बातचीत के अंतिम दौर में हैं। यह भारतीय AI इकोसिस्टम में बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
Deccan AI और फॉलो-ऑन कैपिटल
Deccan AI, जो AI मॉडल इवैल्यूएशन पर फोकस करती है, क्लेपॉन्ड कैपिटल (Claypond Capital) से 5 से 7 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी में है। यह डील ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी ने तीन महीने पहले ही 25 मिलियन डॉलर की सीरीज बी फंडिंग (Series B Funding) पूरी की थी। इससे पता चलता है कि निवेशक AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टेस्टिंग टूल्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
कंज्यूमर और वर्टिकल AI सॉल्यूशंस
कंज्यूमर-फेसिंग और रिटेल-स्पेशिफिक AI एप्लीकेशंस में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। AI se, जो कन्वर्सेशनल AI के जरिए प्रोफेशनल कोचिंग देती है, अरकाम वेंचर्स (Arkam Ventures) से करीब 2 मिलियन डॉलर जुटाने के लिए बातचीत कर रही है। वहीं, Rio AI, जो फिजिकल रिटेल और ई-कॉमर्स के लिए AI सॉल्यूशंस बनाती है, 5 मिलियन डॉलर जुटाना चाहती है। इसमें फ्लिपकार्ट (Flipkart) के को-फाउंडर बिन्नी बंसल (Binny Bansal) से 2 मिलियन डॉलर की हिस्सेदारी की खबर है।
ग्लोबल ट्रेंड्स और वैल्यूएशन में उछाल
यह ट्रेंड अमेरिका में चल रहे हाई-इंटेंसिटी इन्वेस्टमेंट साइकिल्स (High-Intensity Investment Cycles) से मेल खाता है। वीडियो AI स्टार्टअप Higgsfield में एक्सिल (Accel) इंडिया की बढ़ती हिस्सेदारी इसका बड़ा उदाहरण है। यह कंपनी सिर्फ 6 महीने में 80 मिलियन डॉलर के वैल्यूएशन से बढ़कर 5.4 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर 400 मिलियन डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही है। ऐसे वैल्यूएशन अक्सर ऑटोमेटेड वीडियो टूल्स की भारी डिमांड के कारण होते हैं, लेकिन ये AI सेक्टर में प्राइवेट मार्केट वैल्यूएशंस की अस्थिरता को भी दर्शाते हैं।
एंजल इन्वेस्टर्स की एंट्री
बड़े निवेशक तो पैसा लगा ही रहे हैं, साथ ही इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स और पूर्व फाउंडर्स भी शुरुआती दौर के AI वेंचर्स पर दांव लगा रहे हैं। बिन्नी बंसल के अलावा, अलबिंदर ढिंडसा (Albinder Dhindsa) और अंकित नागोरी (Ankit Nagori) जैसे दिग्गज म्यूजिक-लर्निंग ऐप Sing One Song जैसे प्लेटफॉर्म्स में निवेश की तलाश में हैं। वहीं, Myntra के को-फाउंडर रवीण शास्त्री (Raveen Sastry) AI रिसर्च लैब BaseTheis Labs में 1 मिलियन डॉलर का निवेश करने के लिए एडवांस टॉक्स में हैं।
हालांकि, निवेशकों के लिए असली चुनौती यह देखना होगा कि यह फंडिंग उन कंपनियों के लिए सस्टेनेबल रेवेन्यू (Sustainable Revenue) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) का रास्ता कैसे बनाती है। जैसे-जैसे AI स्टार्टअप्स का वैल्यूएशन बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह देखना अहम होगा कि क्या ये कंपनियां बढ़ती प्रतिस्पर्धा और हाई एक्सपेक्टेशन्स के बीच अपनी ग्रोथ बनाए रख पाती हैं या नहीं।
