US-इंडिया चिप स्टार्टअप SiMa.ai ने अपने नए एज AI प्लेटफॉर्म के विकास के लिए **$15 करोड़** जुटाए हैं। इस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन **$1.4 अरब** के जादुई आंकड़े को पार कर गई है, जिससे ड्रोन और रोबोटिक्स सेक्टर में नई क्रांति की उम्मीद है।
फंडिंग और भविष्य की योजनाएं
सेमीकंडक्टर स्टार्टअप SiMa.ai ने नई फंडिंग के साथ अब तक कुल $50 करोड़ की पूंजी जुटा ली है। Fidelity Management & Research Company और Amplify Partners के नेतृत्व में हुए इस राउंड ने कंपनी की मार्केट वैल्यू $1.4 अरब तय कर दी है। कंपनी इस पैसे का निवेश अपने नेक्स्ट-जेनरेशन AI सिलिकॉन प्लेटफॉर्म के R&D में करेगी, जिसे 2028 की पहली छमाही में लॉन्च किया जाना है।
एज AI की बढ़ती ताकत
SiMa.ai का मुख्य दांव 'एज AI' पर है, जहां डेटा क्लाउड पर भेजने के बजाय डिवाइस पर ही प्रोसेस किया जाता है। बैटरी से चलने वाले ड्रोन और ऑटोनॉमस रोबोट्स के लिए यह तकनीक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। कंपनी का लक्ष्य 1,000 TOPS (टेरा ऑपरेशंस प्रति सेकंड) की क्षमता हासिल करना है, जबकि पावर कंजम्पशन मात्र 80 वॉट तक सीमित रहेगा। यह परफॉर्मेंस-पर-वॉट एफिशिएंसी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है।
बेंगलुरु का अहम रोल
इस स्टार्टअप की सफलता का एक बड़ा श्रेय बेंगलुरु को जाता है, जहां कंपनी की 200 की टीम में से करीब आधे लोग काम करते हैं। कंपनी अपने 'Pallete Neat' सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के जरिए हार्डवेयर डिजाइन और सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन के बीच के गैप को कम कर रही है। 2024 से 2025 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 4 गुना बढ़ गया है, जिसका बड़ा श्रेय ड्रोन और रोबोटिक्स इंडस्ट्री से मिल रहे ऑर्डर को जाता है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा
वैल्यूएशन में उछाल के बावजूद SiMa.ai के सामने Nvidia जैसी दिग्गज कंपनी खड़ी है, जो अपने 'Jetson Orin' जैसे प्रोडक्ट्स के साथ मार्केट में हावी है। चिप डेवलपमेंट एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस है, जिसमें रिस्क भी काफी ज्यादा होता है। ऑटोमोटिव जैसे जटिल क्षेत्रों में उतरने के लिए कंपनी को सेफ्टी और रिलायबिलिटी के कड़े मानकों पर खरा उतरना होगा।
