बेंगलुरु की फिनटेक कंपनी Rupeeflo ने अगले एक साल में GIFT City से अपना रेवेन्यू शेयर **30%** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अब केवल इन्वेस्टर ऑनबोर्डिंग तक सीमित न रहकर क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सर्विस में कदम रख रही है।
GIFT City पर कंपनी की नजर
बेंगलुरु स्थित फिनटेक स्टार्टअप Rupeeflo ने इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) यानी GIFT City में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर ली है। कंपनी ने अपने रेवेन्यू में GIFT City के योगदान को मौजूदा 5% से बढ़ाकर 30% तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
ऑनबोर्डिंग से पेमेंट सर्विस तक का सफर
साल 2024 में स्थापित, Rupeeflo ने अब तक अपनी पहचान आइडेंटिटी वेरिफिकेशन और डिजिटल नोटराइजेशन के जरिए बनाई है। कंपनी ने अब तक 20,000 से अधिक इन्वेस्टर्स की ऑनबोर्डिंग पूरी की है, जिसमें 60% ट्रैफिक अमेरिका, यूके और यूएई जैसे देशों से आता है।
अब कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को विस्तार देते हुए पेमेंट सर्विस सेक्टर में कदम रख रही है। इसे पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर लाइसेंस के लिए 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी मिल चुकी है। यह कदम ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत और GIFT City में फंड ट्रांसफर को आसान बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
चुनौती और राह
हालांकि, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट का सेक्टर जटिल रेगुलेटरी और कंप्लायंस नियमों से भरा है। इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिलना एक बड़ा पड़ाव है, लेकिन अंतिम रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना अभी बाकी है। इस क्षेत्र में पहले से मौजूद बड़े बैंकों से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है, जहां Rupeeflo की सफलता उसके तकनीक की गति और सुरक्षा पर निर्भर करेगी। कंपनी का अगला कदम बड़े फाइनेंशियल संस्थानों और विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स के भरोसे को जीतने पर टिका होगा।
