बेंगलुरु की स्टार्टअप RocketPay ने financed डिवाइस रिकवरी बिजनेस को बढ़ाने के लिए **₹10 करोड़** जुटाए हैं। यह फंडिंग कंपनी को जनवरी **2027** से लागू होने वाले RBI के नए नियमों के अनुसार EMI-फाइनेंस्ड स्मार्टफोन्स के मैनेजमेंट के लिए तैयार करेगी।
बड़े विस्तार की तैयारी
बेंगलुरु स्थित कलेक्शन स्टार्टअप RocketPay ने अपने बिजनेस मॉडल को डिजिटल कलेक्शन से शिफ्ट करके फाइनेंस एसेट रिकवरी की तरफ मोड़ने का फैसला किया है। इस फंडिंग राउंड में IPV, LetsVenture, Launch Capital, AVNM Ventures, Navyug Global Ventures और All In Capital जैसे निवेशकों ने हिस्सा लिया। 2022 में स्थापित यह कंपनी अब विशेष रूप से EMI पर बिकने वाले स्मार्टफोन्स की रिकवरी के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करेगी।
RBI के नए नियम और चुनौती
जनवरी 2027 से लागू होने वाले RBI के नए नियमों के तहत 'डिवाइस-लॉकिंग' तकनीक में बदलाव होगा। नए फ्रेमवर्क के अनुसार, लोन की किस्त न चुकाने पर लेंडर 30 दिन बाद आंशिक और 60 दिन बाद पूर्ण प्रतिबंध लगा पाएंगे। हालांकि, लेंडर्स को इमरजेंसी कॉल और SMS की सुविधा जारी रखनी होगी और पेमेंट मिलने के 1 घंटे के भीतर डिवाइस को अनलॉक करना अनिवार्य होगा।
तकनीक और भविष्य की राह
RocketPay, Google के 'Device Lock Controller' का उपयोग करने वाली फर्म Trustonic की अधिकृत पार्टनर है। कंपनी की ग्रोथ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फाइनेंशियल ईयर 2024 से 2026 के बीच इसका रेवेन्यू 10 गुना बढ़ा है। अब कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2028 तक ₹100 करोड़ का एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू हासिल करना है। भारत में हर साल लगभग 8.5 करोड़ EMI-फाइनेंस्ड डिवाइस बिकते हैं, जो कंपनी के लिए एक बड़ा मार्केट है। हालांकि, रेगुलेटरी अनुपालन में कोई भी चूक कंपनी के क्लाइंट और साख पर बुरा असर डाल सकती है।
