Razorpay FY25 Results: रेवेन्यू में भारी उछाल के बावजूद कंपनी को ₹1,206 करोड़ का झटका

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Razorpay FY25 Results: रेवेन्यू में भारी उछाल के बावजूद कंपनी को ₹1,206 करोड़ का झटका

Fintech दिग्गज Razorpay ने FY25 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹3,932 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन हेडक्वार्टर को वापस भारत शिफ्ट करने के खर्चों के चलते कंपनी को **₹1,206 करोड़** का नेट लॉस हुआ है।

Fintech मार्केट की दिग्गज कंपनी Razorpay ने FY25 के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹2,465 करोड़ के मुकाबले, इस बार कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹3,932 करोड़ हो गया है। हालांकि, मुनाफे की जगह कंपनी ने ₹1,206 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी का कहना है कि यह नुकसान मुख्य रूप से उसके कॉर्पोरेट हेडक्वार्टर को वापस भारत शिफ्ट करने (redomicile) से जुड़े वन-टाइम खर्चों की वजह से हुआ है।

पेमेंट से आगे का सफर

शशांक कुमार और हर्षिल माथुर द्वारा स्थापित यह कंपनी अब सिर्फ पेमेंट प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं है। स्टार्टअप्स के लिए पेमेंट गेटवे के रूप में शुरुआत करने वाली कंपनी अब पेरोल मैनेजमेंट, रिकरिंग बिलिंग, इनवॉइसिंग और बिजनेस बैंकिंग जैसे कई फाइनेंशियल सॉल्यूशंस ऑफर कर रही है। 2022 में Ezetap का अधिग्रहण करके कंपनी ने ऑफलाइन पेमेंट और कार्ड मशीन जैसे सेगमेंट्स में अपनी पकड़ और भी मजबूत की है।

कॉम्पिटिशन और रेगुलेटरी माहौल

भारत के पेमेंट एग्रीगेटर स्पेस में Cashfree, BillDesk और PayU जैसे बड़े प्लेयर्स के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी सेक्टर पर पैनी नजर रखे हुए है। डेटा स्टोरेज और सिक्योरिटी नॉर्म्स के चलते रेगुलेटरी नियमों का पालन करना अब और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। अतीत में नए मर्चेंट्स की ऑनबोर्डिंग पर लगी रोक इस सेक्टर में मौजूद रिस्क को साफ दर्शाती है।

भविष्य की राह

कंपनी का वापस भारत शिफ्ट होना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में संभावित लिस्टिंग और सरकारी नियमों का पालन आसान होगा। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी अपने रेवेन्यू ग्रोथ को कब तक टिकाऊ प्रॉफिट में बदल पाती है। फिनटेक एक कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर है, जहां टेक्नोलॉजी और कस्टमर एक्विजिशन के लिए भारी निवेश की जरूरत होती है। अब देखना होगा कि वन-टाइम खर्चों के कम होने के बाद मार्जिन्स पर क्या असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.