AI-मार्केटिंग स्टार्टअप Profound ने Series D राउंड में **$180 मिलियन** की भारी-भरकम फंडिंग जुटाई है, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन अब **$1.8 बिलियन** पर पहुंच गया है। यह प्लेटफॉर्म ब्रांड्स को जनरेटिव AI चैटबॉट्स और सर्च इंजनों पर अपनी विजिबिलिटी बेहतर बनाने में मदद करता है।
भारी फंडिंग और दिग्गज निवेशकों का भरोसा
US-आधारित स्टार्टअप Profound ने अपने लेटेस्ट Series D फंडिंग राउंड को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस निवेश दौर का नेतृत्व वेंचर कैपिटल दिग्गज Sequoia Capital और Kleiner Perkins ने किया। इसमें Lightspeed Venture Partners और Khosla Ventures जैसे पुराने निवेशकों ने भी अपना दांव लगाया है, जो कंपनी के भविष्य पर बड़े भरोसे को दर्शाता है।
क्या काम करती है Profound?
यह कंपनी 'जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन' (GEO) और 'आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन' (AEO) के उभरते क्षेत्र में काम कर रही है। जैसे-जैसे उपभोक्ता सर्च करने के लिए ट्रेडिशनल लिंक के बजाय AI चैटबॉट्स का रुख कर रहे हैं, कंपनियां पुराने SEO तरीकों से दूर हो रही हैं। Profound का प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करता है कि बड़े ब्रांड्स के प्रोडक्ट ChatGPT, Gemini और Perplexity जैसे AI सिस्टम्स के जरिए सही तरीके से रिकमेंड हों।
शानदार ग्रोथ और क्लाइंट बेस
कंपनी ने पिछले 6 महीनों में अपनी रेवेन्यू को 3 गुना करने का दावा किया है। इसका क्लाइंट बेस भी तेजी से बढ़कर 1,000 से ज्यादा एंटरप्राइज कंपनियों तक पहुंच गया है, जिनमें Walmart, Comcast और The Estée Lauder Companies जैसे बड़े नाम शामिल हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी ने महज 7 महीने पहले ही $96 मिलियन की Series C फंडिंग जुटाई थी, जो इसकी तेज विकास दर को बयां करता है।
निवेश के जोखिम (Risk Factors)
बावजूद शानदार ग्रोथ के, इस मॉडल में कुछ बड़े रिस्क भी हैं। Profound का पूरा बिजनेस मॉडल थर्ड-पार्टी AI प्लेटफॉर्म्स के एल्गोरिदम पर निर्भर है। अगर ये टेक दिग्गज अपने नियमों में बदलाव करते हैं, तो कंपनी के ऑप्टिमाइजेशन टूल्स का असर कम हो सकता है। इसके अलावा, AI द्वारा गलत जानकारी (Hallucinations) देने का खतरा भी ब्रांड्स के लिए रेप्युटेशन रिस्क पैदा करता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
