बेंगलुरु स्थित फिनटेक स्टार्टअप PowerUp Money ने Flourish Ventures के नेतृत्व में **$10 मिलियन** (करीब **$1 करोड़**) की फंडिंग जुटाई है। इस निवेश से कंपनी अब अपने AI-पावर्ड टूल्स को म्यूचुअल फंड्स से आगे ले जाकर स्टॉक्स और ETFs तक विस्तार करेगी।
फंडिंग और कंपनी का विस्तार
बेंगलुरु की वेल्थटेक स्टार्टअप PowerUp Money ने अपनी लेटेस्ट फंडिंग राउंड में $10 मिलियन जुटाए हैं, जिसका नेतृत्व Flourish Ventures ने किया है। इस राउंड में Peak XV Partners, Accel, Blume Ventures और Kae Capital जैसे पुराने निवेशकों ने भी अपना भरोसा जताया है। SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार के रूप में काम करने वाली यह कंपनी अब अपनी तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
प्रतीक जिंदल द्वारा 2024 में शुरू की गई यह कंपनी वर्तमान में 15 लाख यूजर्स को ट्रैक करती है, जिनके पोर्टफोलियो की वैल्यू लगभग ₹2.5 लाख करोड़ है। अब कंपनी का लक्ष्य AI के जरिए पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग और रिस्क प्रोफाइलिंग जैसे जटिल काम को ऑटोमेट करना है, जो आमतौर पर महंगे वेल्थ मैनेजर्स करते हैं।
बिजनेस मॉडल और मार्केट की स्थिति
यह समझना जरूरी है कि PowerUp Money अभी एक प्राइवेट कंपनी है और NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, इसके शेयरों की कोई सार्वजनिक कीमत मौजूद नहीं है। कंपनी का असली इम्तिहान अपने फ्री यूजर्स को 'पेड सब्सक्राइबर्स' में बदलने का है। कंपनी का मानना है कि उनका 'AI कोच' हाई-क्वालिटी फाइनेंशियल एडवाइस को सस्ता बनाएगा, जिससे मास-मार्केट यूजर्स को टारगेट करना आसान होगा।
चुनौतियां और जोखिम
भारतीय वेल्थटेक मार्केट काफी भीड़भाड़ वाला है, जहां बड़े ब्रोकरेज हाउस पहले से ही मौजूद हैं। भारतीय निवेशक काफी प्राइस-सेंसिटिव होते हैं, इसलिए उन्हें फ्री टूल्स से हटाकर पेड एडवाइजरी तक लाना एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, स्टॉक्स और ETFs जैसे जटिल एसेट क्लास में विस्तार करने पर कंपनी को रेगुलेटरी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा। कंपनी की सफलता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि उनका AI एल्गोरिदम कितना सटीक साबित होता है और वे अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे मैनेज करते हैं।
