Plum को मिली बड़ी सौगात: ₹193 करोड़ की सीरीज B फंडिंग
भारत की तेजी से बढ़ती हेल्थटेक कंपनी Plum ने ₹193 करोड़ (लगभग $20.4 मिलियन USD) की भारी सीरीज B फंडिंग हासिल की है। इस राउंड का नेतृत्व प्रमुख निवेशक Peak XV Partners ने किया, जिसमें Tanglin Venture Partners और GMO Venture Partners जैसे मौजूदा और नए निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। इस फंडिंग के बाद कंपनी का वैल्यूएशन ₹11.81 अरब (लगभग $140 मिलियन USD) तक पहुंच गया है।
यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब भारतीय इंश्योरटेक (Insurtech) सेक्टर में 2024-2025 में निवेश धीमा पड़ा है। Plum की यह सफलता उन कंपनियों में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है जो मुनाफे (Profit) और ग्रोथ का स्पष्ट रास्ता दिखा रही हैं। कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल अपनी टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाने, AI-संचालित क्लेम (Claim) ऑपरेशन्स को बड़े पैमाने पर लागू करने और अपनी सुरक्षा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए करेगी।
मंदी के दौर में भी Plum का जलवा
भारतीय इंश्योरटेक बाजार अब मजबूत ऑपरेशन्स और स्थिर ग्रोथ वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। Plum ने हाल ही में अपना पहला पूरा फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) EBITDA और कैश फ्लो (Cash Flow) के लिहाज से मुनाफे में बंद किया है, जो इसे भीड़ से अलग खड़ा करता है। वर्तमान में, Plum 6,000 से अधिक कंपनियों को अपनी सेवाएं दे रही है, जिनके 600,000 से ज्यादा कर्मचारी इसके प्लेटफॉर्म पर हैं। CRED, Meesho, PhonePe, और Swiggy जैसी बड़ी कंपनियाँ इसके ग्राहक हैं।
कॉम्पिटिशन में Plum की बढ़त
कर्मचारी बेनिफिट्स (Benefits) के क्षेत्र में Pazcare जैसी कंपनियां भी सक्रिय हैं, जिसने हाल ही में $8.2 मिलियन जुटाए थे। वहीं, Policybazaar for Business, Mercer Marsh, और WTW India जैसी बड़ी फर्मों से भी सीधी प्रतिस्पर्धा है। Plum की खासियत क्लेम प्रोसेस को बेहतर बनाने पर उसका फोकस है। कंपनी 500,000 से अधिक क्लेम संभाल चुकी है, जिससे हॉस्पिटल डिस्चार्ज और रीइंबर्समेंट (Reimbursement) की प्रक्रिया तेज हुई है।
भविष्य की योजनाएं: हेल्थकेयर का विस्तार
आगे चलकर, Plum अपनी हेल्थकेयर सेवाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार करने की योजना बना रही है। इसमें HR और पेरोल (Payroll) सिस्टम के साथ गहरी इंटीग्रेशन, और प्रीवेंटिव केयर (Preventive Care), प्राइमरी केयर (Primary Care), मेंटल वेलनेस (Mental Wellness) और टेलीहेल्थ (Telehealth) जैसी नई सेवाओं को जोड़ना शामिल है। यह रणनीति कंपनियों की बढ़ती माँग को पूरा करेगी जो अपने कर्मचारियों के लिए व्यापक वेलनेस प्रोग्राम चाहती हैं।