Piper Serica का Bharat Tech Fund इस फाइनेंशियल ईयर में **4 से 6** डीपटेक स्टार्टअप्स में **₹220 करोड़** तक का निवेश करने की तैयारी में है। **₹800 करोड़** के कुल लक्ष्य के साथ, यह फंड सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक जैसे सेक्टर पर खास नजर रख रहा है।
Piper Serica, जो कि एक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म है, ने बताया है कि उसका 'Bharat Tech Fund' इस साल डीपटेक सेक्टर में ₹180 करोड़ से ₹220 करोड़ के बीच पूंजी डालेगा। कंपनी का मकसद उन हाई-ग्रोथ वेंचर्स को सपोर्ट करना है, जो प्रोटोटाइप स्टेज से निकलकर अब कमर्शियल लेवल पर पहुंचने के लिए तैयार हैं।
फंड की संरचना और लक्ष्य
यह फंड एक Category II Alternative Investment Fund (AIF) के रूप में काम करता है। इसका कुल कॉर्पस लक्ष्य ₹800 करोड़ का है, जिसमें ₹600 करोड़ का बेस टारगेट और ₹200 करोड़ का ग्रीनशू ऑप्शन शामिल है। फिलहाल फंड ने निवेशकों से ₹400 करोड़ जुटा लिए हैं। यह पैसा प्राइवेट इक्विटी की तरह काम करेगा, यानी इसमें स्टार्टअप्स में हिस्सेदारी खरीदी जाएगी, न कि शेयर बाजार में ट्रेडिंग की तरह खरीदारी होगी।
इंडस्ट्रियल सोवेरेंटी पर फोकस
फर्म की रणनीति उन इंडस्ट्रीज को चुनना है जिन्हें सरकारी पॉलिसी और ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव का सीधा फायदा मिल रहा है। प्रमुख फोकस एरिया में स्पेस टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स, एनर्जी और लाइफ साइंसेज शामिल हैं। भारत का मकसद अब केवल प्रोडक्ट असेंबल करना नहीं, बल्कि कॉम्प्लेक्स मैन्युफैक्चरिंग और फैब्रिकेशन की तरफ बढ़ना है।
निवेश का जोखिम समझना जरूरी
डीपटेक में निवेश का मतलब है हाई रिस्क। शेयर बाजार की तरह इसमें आप जब चाहें शेयर नहीं बेच सकते, क्योंकि यह पैसा सालों के लिए लॉक हो सकता है। इसके अलावा, डीपटेक स्टार्टअप्स के साथ आरएंडडी (R&D) के लंबे समय और भारी शुरुआती खर्चों का जोखिम भी जुड़ा होता है। चूंकि फंड का ध्यान केवल 4 से 6 स्टार्टअप्स पर है, इसलिए किसी भी एक कंपनी के फेल होने या टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में देरी होने का सीधा असर फंड के रिटर्न पर पड़ सकता है। निवेशकों के लिए असली चुनौती यह देखना होगा कि क्या ये कंपनियां कमर्शियल तौर पर खुद को स्केल कर पाती हैं या नहीं।
