PhysicsWallah के 'School of Startups' ने सरकारी पहल Startup India के साथ **2 साल** का करार किया है। इस साझेदारी का मकसद छोटे शहरों (Tier-II और Tier-III) के उद्यमियों को सीड कैपिटल और इन्क्यूबेशन की सुविधा देना है, जो एजुकेशन कंपनी के लिए एक बड़े बिजनेस बदलाव का संकेत है।
एजुकेशन से स्टार्टअप इकोसिस्टम तक का सफर
PhysicsWallah ने डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के तहत आने वाले 'Startup India' के साथ साझेदारी पक्की कर ली है। इस सहयोग का मुख्य लक्ष्य टियर-2 और टियर-3 शहरों के फाउंडर्स को मेंटरशिप, सीड कैपिटल और इन्क्यूबेशन इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराना है। यह कदम कंपनी के पारंपरिक एजुकेशन मॉडल से निकलकर एक व्यापक ग्रोथ प्लेटफॉर्म बनाने की रणनीति को दर्शाता है।
कैसे मिलेगी स्टार्टअप्स को मदद?
कंपनी अपनी 'School of Startups' यूनिट के जरिए खास ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएगी। इसमें 'PW UDYAMI' मॉड्यूल और 'ग्रोथ स्टेज CEO प्रोग्राम' जैसे कोर्स शामिल हैं, जो स्टार्टअप्स को फंड जुटाने और बिजनेस बढ़ाने के लिए तैयार करेंगे। Startup India के 770 से ज्यादा जिलों में फैले नेटवर्क के साथ जुड़कर, PhysicsWallah अब देश के वेंचर पाइपलाइन में एक प्रमुख मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रही है।
निवेश और भविष्य की राह
कंपनी ने 2024 में ₹100 करोड़ का फंड लॉन्च किया था, जिसका लक्ष्य 100 से ज्यादा वेंचर्स को सपोर्ट करना है। इसके अलावा, नोएडा और लखनऊ में 'StartInUP' पहल के तहत इन्क्यूबेशन सेंटर खोले जा चुके हैं और AI स्टार्टअप्स के लिए ₹10 करोड़ का अलग फंड भी रखा गया है।
हालांकि, यह बदलाव रिस्क से खाली नहीं है। एजुकेशन कोर्स बेचने के मुकाबले, इन्क्यूबेशन बिजनेस काफी लंबा और अनिश्चित होता है। निवेशकों की नजर अब इस पर टिकी है कि कंपनी अपनी मुख्य प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित किए बिना स्टार्टअप्स की सफलता दर को कैसे बनाए रखती है।
