Peak XV Partners ने अपने 'Surge' प्रोग्राम के तहत सीड-स्टेज इन्वेस्टमेंट की लिमिट को **$3 मिलियन** से बढ़ाकर **$5 मिलियन** कर दिया है। डीपटेक और AI स्टार्टअप्स की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया है।
वेंचर कैपिटल फर्म Peak XV Partners (जो पहले Sequoia Capital India और Southeast Asia के नाम से जानी जाती थी) ने अपने 'Surge' प्लेटफॉर्म के लिए एक बड़ी रणनीति बदली है। अब स्टार्टअप्स को शुरुआत में ही ज्यादा फंड मिल सकेगा, ताकि वे Series A फंडिंग के कठिन दौर में भी मजबूती से टिके रहें।
Surge 12: नई दिशा, नया निवेश
कंपनी ने अपने लेटेस्ट 'Surge 12' कोहोर्ट में 18 स्टार्टअप्स को शामिल किया है, जिनमें AI, रोबोटिक्स, स्पेस टेक्नोलॉजी और रेडियो-फ्रीक्वेंसी सेंसिंग जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने इस कोहोर्ट में $50 मिलियन से अधिक की राशि का निवेश किया है। खास बात यह है कि इस बार कंपनी का झुकाव ग्लोबल मार्केट पर है, जिसमें से 13 कंपनियां सीधे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को टारगेट कर रही हैं।
डीपटेक पर दांव और बढ़ती पूंजी की जरूरत
Puralink और ULOOK जैसे स्टार्टअप्स इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे डीपटेक में आरएंडडी (R&D) के लिए भारी भरकम कैश की जरूरत होती है। फर्म के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन के अनुसार, यह कदम Series A फंडिंग की मुश्किलों को देखते हुए उठाया गया है। ज्यादा शुरुआती पूंजी मिलने से स्टार्टअप्स को अपना बिजनेस मॉडल तैयार करने के लिए बेहतर 'रनवे' (Runway) मिलेगा।
बाजार के जानकारों का मानना है कि यह बदलाव स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब निवेशक उन संस्थापकों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो लंबी अवधि के प्रोडक्ट डेवलपमेंट को मैनेज कर सकें। आने वाले समय में, इन स्टार्टअप्स का ग्लोबल मार्केट में कमर्शियल स्केल तक पहुंचना निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण ट्रैक करने योग्य बिंदु होगा।
