Peak XV और Bessemer जैसे बड़े वेंचर कैपिटल फर्मों ने AI स्टार्टअप्स को लेकर खतरे की घंटी बजा दी है। निवेशकों का मानना है कि **2027** तक इस सेक्टर में एक बड़ा करेक्शन (Correction) देखने को मिल सकता है, जिसका मुख्य कारण कंपनियों की गलत वैल्युएशन और जटिल फंडिंग स्ट्रक्चर है।
दुनिया की प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्मों—जैसे Peak XV, Bessemer Venture Partners, और Index Ventures—ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में हो रहे अंधाधुंध निवेश को लेकर चिंता जताई है। निवेशकों का स्पष्ट मानना है कि बाजार में 'बुलबुला' बन रहा है जो 2027 तक फूट सकता है।
'Tranchopalooza' का खतरा
विशेषज्ञों ने आजकल की फंडिंग राउंड्स को 'Tranchopalooza' नाम दिया है। इसमें स्टार्टअप्स एक ही समय पर कई अलग-अलग और विरोधाभासी प्राइस पॉइंट्स पर फंड जुटाने की कोशिश करते हैं। Peak XV के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेंद्र सिंह का कहना है कि यह स्थिति वेंचर इकोसिस्टम में भारी डिसफंक्शन पैदा कर रही है, जिससे कंपनी की सही वैल्यू पता लगाना असंभव हो गया है।
हकीकत बनाम दिखावा (Hype vs Reality)
मौजूदा AI बूम पूरी तरह से इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च (जैसे कंप्यूटिंग पावर) पर टिका है, जबकि सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल नदारद हैं। स्टार्टअप्स अक्सर सिर्फ अपनी 'रेवेन्यू ग्रोथ' दिखाकर पैसा बटोर रहे हैं, लेकिन मुनाफा कमाने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
निवेशकों ने चेतावनी दी है कि फाउंडर्स अक्सर 'Cumulative Revenue' या 'ARR' जैसे चार्ट्स का इस्तेमाल करके ग्रोथ को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं। इससे कंपनी की सुस्त विकास दर छिप जाती है। इन्वेस्टर्स के लिए अब सलाह यही है कि वे दिखावटी आंकड़ों के बजाय कंपनी के फाइनेंशियल डिसिप्लिन और टाइम-सीरीज परफॉर्मेंस पर गौर करें।
