एक्सपर्ट फाउंडर्स का जलवा! टेक स्टार्टअप्स में बढ़ी फंडिंग, 2025 में **11%** तक पहुंची हिस्सेदारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
एक्सपर्ट फाउंडर्स का जलवा! टेक स्टार्टअप्स में बढ़ी फंडिंग, 2025 में **11%** तक पहुंची हिस्सेदारी

पुराने टेक एग्जीक्यूटिव्स द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप्स ने 2025 में कुल वेंचर कैपिटल फंडिंग का **11%** हिस्सा हासिल किया है। यह 2023 के **5.8%** से लगभग दोगुना है। नए स्टार्टअप लॉन्च में गिरावट के बावजूद, ये अनुभवी फाउंडर्स अपनी ऑपरेशनल कुशलता से बड़ी शुरुआती निवेश और ऊंचे वैल्यूएशन आकर्षित कर रहे हैं।

Detailed Coverage

फाउंडर्स की ऑपरेशनल महारत का फायदा

नई कंपनियों के लॉन्च में सुस्ती के इस दौर में, पुराने टेक दिग्गजों के पूर्व कर्मचारियों द्वारा स्थापित स्टार्टअप्स ने फंडिंग जुटाने में बड़ी सफलता पाई है। Tracxn और RTP Global के आंकड़ों के अनुसार, ये ऑपरेटर-led स्टार्टअप्स इकोसिस्टम का 1% से भी कम हिस्सा होने के बावजूद, कैपिटल सिक्योर करने की अपनी क्षमता में तेजी से इजाफा कर रहे हैं। 2025 में कुल इकोसिस्टम फंडिंग में इनकी हिस्सेदारी 11% रही, जो कि दो साल पहले 5.8% थी।

स्केल करने और एग्जीक्यूशन में माहिर

निवेशक अब उन फाउंडर्स को तरजीह दे रहे हैं जिन्होंने बड़ी टेक कंपनियों की जटिलताओं को सालों तक संभाला है। Flipkart, Swiggy, Meesho और Zomato जैसी कंपनियों ने प्रोफेशनल्स को टीम्स को स्केल करने और रिसोर्सेज मैनेज करने के लिए जरूरी स्किल्स सिखाने का काम किया है। कंपनी बनाने का यह अनुभव ऐसे मार्केट में एक अहम अंतर पैदा कर रहा है, जहां तेज, अनियंत्रित विस्तार के बजाय कैपिटल एफिशिएंसी को प्राथमिकता दी जा रही है।

RTP Global के पार्टनर, Nishit Garg ने कहा कि इन फाउंडर्स के पास बिजनेस प्लान्स को प्रभावी ढंग से लागू करने की अनोखी क्षमता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रोडक्ट डेवलपमेंट को तेज बनाने के साथ, अनुभवी मैनेजर्स के नेतृत्व वाली छोटी टीमें बड़ी कंपनियों से ज्यादा प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकती हैं।

व्यापक इकोसिस्टम में मार्केट की सुस्ती

इन खास स्टार्टअप्स की सफलता व्यापक टेक माहौल के विपरीत है, जिसने काफी सुस्ती देखी है। 2025 में, नए टेक स्टार्टअप लॉन्च की कुल संख्या घटकर 2,633 रह गई, जो 2024 में 7,805 थी। नए मार्केट में एंट्री करने वालों में यह भारी गिरावट के बावजूद, नए ऑपरेटर-led वेंचर्स की संख्या स्थिर रही, जिसमें 2025 में लगभग 50 ऐसी कंपनियां लॉन्च हुईं, जबकि पिछले साल यह संख्या 37 थी।

इस सेक्टर में निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या ऑपरेटर-led फर्मों के लिए बड़े सीड और सीरीज A राउंड का यह ट्रेंड टिकाऊ बिजनेस मॉडल की ओर ले जाता है। हालांकि ऊंचे वैल्यूएशन और बड़े चेक शुरुआती मजबूत विश्वास को दर्शाते हैं, लेकिन इन वेंचर्स की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे शुरुआती फंडिंग को प्रॉफिटेबल ग्रोथ में बदल पाते हैं या नहीं। जैसे-जैसे व्यापक मार्केट सेलेक्टिव बना हुआ है, इन अनुभवी फाउंडर्स और नए उद्यमियों के बीच प्रदर्शन का अंतर आने वाले वर्षों में वेंचर कैपिटल की रुचि का एक प्रमुख संकेतक बन सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.