बेंगलुरु की Insurtech कंपनी Onsurity, छोटे और मझोले व्यवसायों (SMEs) के लिए अपनी मासिक हेल्थ सब्सक्रिप्शन सर्विस का विस्तार कर रही है। यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक बीमा पॉलिसियों का एक लचीला विकल्प पेश करता है।
SME सेगमेंट में Onsurity का दबदबा
Onsurity, जो 2020 में स्थापित हुई थी, अब भारत भर में छोटे और मझोले उद्यमों (SMEs) के लिए हेल्थ और वेलनेस बेनिफिट्स पर अपना फोकस बढ़ा रही है। कंपनी का मासिक सब्सक्रिप्शन-आधारित प्लेटफॉर्म हेल्थ इंश्योरेंस, टेलीकंसल्टेशन और वेलनेस प्रोग्राम्स को एक साथ लाता है। इसका मकसद छोटे व्यवसायों के लिए सालाना बीमा पॉलिसियों की जटिलताओं को आसान बनाना है।
निवेशकों के लिए खास: यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि Onsurity एक प्राइवेट कंपनी है और स्टॉक एक्सचेंज (NSE या BSE) पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, इसके शेयर की कीमत या बाज़ार से जुड़ा कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, स्टार्टअप और Insurtech सेक्टर पर नज़र रखने वालों के लिए, यह कंपनी डिजिटल हेल्थ इंश्योरेंस स्पेस में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर एक नज़र
कंपनी अब तक $61 मिलियन से ज़्यादा की फंडिंग जुटा चुकी है, जिसमें हालिया सीरीज़ B राउंड का नेतृत्व Creaegis ने किया। FY25 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने लगभग ₹168.3 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। कई ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स की तरह, Onsurity भी विस्तार में भारी निवेश कर रही है, जिसके चलते इसी अवधि में ₹68.9 करोड़ का नेट लॉस हुआ। रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ, लागतों को नियंत्रित करने और स्थायी मुनाफे की ओर बढ़ने की क्षमता भविष्य में महत्वपूर्ण साबित होगी।
कॉम्पिटिटिव और सेक्टर का माहौल
भारत का Insurtech सेक्टर बेहद प्रतिस्पर्धी है। Onsurity जैसे प्लेटफॉर्म्स को Plum Insurance, Loop Health और Acko जैसे अन्य अच्छी फंडिंग वाली कंपनियों से मुकाबला करना पड़ता है। ये सभी कंपनियां SME मार्केट में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, जो परंपरागत बीमा कंपनियों द्वारा अक्सर अनदेखा किया जाता रहा है। चूंकि यह सेक्टर वित्तीय सेवाओं और बीमा से जुड़ा है, इसलिए Onsurity सहित सभी कंपनियां IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) के कड़े नियमों के तहत काम करती हैं। इन नियमों में बदलाव कंपनी के प्रोडक्ट्स और पार्टनरशिप को प्रभावित कर सकते हैं।
स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और जोखिम
Onsurity ने कस्टमर्स तक पहुंचने के लिए पार्टनरशिप पर जोर दिया है। 2022 में, कंपनी ने BSE के साथ SME इकोसिस्टम के लिए हेल्थ बेनिफिट्स को सपोर्ट करने के लिए एक MoU (Memorandum of Understanding) साइन किया। यह कंपनी की बड़ी संख्या में लोगों को कवर करने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, लेकिन इसकी सफलता एग्जीक्यूशन पर निर्भर करती है। लाखों लोगों को कवर करने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए टेक्नोलॉजी और कस्टमर सर्विस में लगातार निवेश की ज़रूरत है। इसके अलावा, कंपनी को प्रतिस्पर्धियों से तीव्र प्राइसिंग प्रेशर का सामना करना पड़ सकता है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन प्रभावित हो सकता है। इस स्पेस पर नज़र रखने वाले निवेशकों के लिए, कंपनी के ऑपरेशनल लॉस को कम करने की प्रगति, प्रतिस्पर्धी बाज़ार में कॉर्पोरेट ग्राहकों को बनाए रखने की क्षमता और बदलते रेगुलेटरी माहौल को नेविगेट करना महत्वपूर्ण अपडेट्स होंगे।
