कंज्यूमर रिवॉर्ड्स स्टार्टअप Onpoint ने First Cheque और Whiteboard Capital के नेतृत्व वाले प्री-सीड फंडिंग राउंड में **$600,000** (लगभग **₹4.98 करोड़**) की राशि जुटाई है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपने मर्चेंट नेटवर्क को बढ़ाने और टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने के लिए करेगी।
Onpoint का '$600,000' का बड़ा दांव!
भारतीय कंज्यूमर लॉयल्टी के क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप Onpoint ने प्री-सीड फंडिंग में $600,000 (जो लगभग ₹4.98 करोड़ होते हैं) की शानदार रकम हासिल की है। इस राउंड का नेतृत्व प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्म IndiaQuotient की पहल First Cheque और Whiteboard Capital ने किया। इस फंडिंग राउंड में कई एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें बड़ी ग्लोबल टेक कंपनियों के अनुभवी प्रोफेशनल्स शामिल थे।
रिवॉर्ड्स को आसान बनाने का मिशन
साल 2025 में नकुल खन्ना और अनुराग गुप्ता द्वारा स्थापित Onpoint का लक्ष्य ग्राहकों के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स को कमाना और भुनाना आसान बनाना है। यह प्लेटफॉर्म अपनी पेमेंट-अज्ञेयवादी (payment-agnostic) प्रकृति के कारण खास है। इसका मतलब है कि यूज़र्स Onpoint इकोसिस्टम के जरिए रिवॉर्ड पॉइंट्स कमा सकते हैं, चाहे वे क्रेडिट कार्ड, UPI या कैश से पेमेंट करें। ये पॉइंट्स मौजूदा बैंक और ब्रांड लॉयल्टी प्रोग्राम के ऊपर अतिरिक्त कमाई का जरिया बनते हैं, जिससे ग्राहक एक ही ट्रांजेक्शन पर डबल रिवॉर्ड्स हासिल कर सकते हैं।
फंड का इस्तेमाल कहाँ होगा?
स्टार्टअप इस नई पूंजी का इस्तेमाल तीन मुख्य क्षेत्रों में करेगा: अपने डिजिटल प्रोडक्ट को तेज़ी से विकसित करना, अपने पार्टनर मर्चेंट्स के नेटवर्क का विस्तार करना और अपने यूज़र बेस को बढ़ाना। कंपनी अपने ऐप, वेबसाइट और ब्राउज़र एक्सटेंशन पर उपलब्ध ब्रांडों की संख्या बढ़ाकर डिजिटल कंज्यूमर खर्च बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है।
ब्रांड्स के लिए मार्केटिंग का नया ज़रिया
साझेदार ब्रांडों के लिए, यह प्लेटफॉर्म एक मार्केटिंग और एंगेजमेंट चैनल के रूप में काम करता है, जो उनके विशिष्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री बढ़ाने में मदद करता है। यूज़र्स इन पॉइंट्स को जमा करने के बाद, उन्हें Air India के Maharaja Club, Flipkart SuperCoins, और IndiGo के BluChip प्रोग्राम जैसे स्थापित लॉयल्टी प्रोग्राम में भुना सकते हैं।
आगे की राह: कॉम्पिटिशन और यूज़र रिटेंशन
साल 2025 में स्थापित हुई Onpoint, भारतीय फिनटेक और लॉयल्टी रिवॉर्ड्स के प्रतिस्पर्धी बाज़ार में काम कर रही है। कंपनी अभी शुरुआती ग्रोथ फेज में है। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी अपने मर्चेंट पार्टनरशिप को कितनी अच्छी तरह बढ़ा पाती है और ऐसे बाज़ार में यूज़र्स को बनाए रख पाती है जहाँ अक्सर कंज्यूमर लॉयल्टी प्रोग्राम से थक जाते हैं। बिजनेस मॉडल की दीर्घकालिक व्यवहार्यता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी पार्टनर ब्रांडों से एक स्थायी कमीशन स्ट्रक्चर बनाए रखते हुए अपने बढ़ते यूज़र बेस को सार्थक मूल्य प्रदान करना जारी रख सकती है या नहीं।
