Northwood Space: सैटेलाइट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की बंपर कमाई, वैल्यूएशन पहुंची **$2 बिलियन** के पार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Northwood Space: सैटेलाइट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की बंपर कमाई, वैल्यूएशन पहुंची **$2 बिलियन** के पार

सैटेलाइट इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म Northwood Space ने सीरीज C फंडिंग राउंड में **$375 मिलियन** जुटाए हैं, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन **$2 बिलियन** हो गई है। हालांकि, यह कंपनी भारतीय शेयर बाजारों में लिस्टेड नहीं है, इसलिए रिटेल निवेशक इसमें निवेश नहीं कर सकते।

कैलिफोर्निया स्थित स्टार्टअप Northwood Space ने अपनी विकास यात्रा में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। कंपनी ने $375 मिलियन का नया फंड जुटाया है, जिससे महज दो साल पुरानी इस कंपनी की वैल्यूएशन $2 बिलियन तक पहुंच गई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Andreessen Horowitz और DFJ Growth जैसी प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्मों ने किया है, जो स्पेस कनेक्टिविटी सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।\n\nइसके अलावा, कंपनी ने HSBC Innovation Banking से एक मल्टी-ईयर क्रेडिट सुविधा भी हासिल की है। इस पूंजी का उपयोग मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने, नई प्रतिभाओं की भर्ती करने और वैश्विक स्तर पर अपने ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क का विस्तार करने के लिए किया जाएगा।\n\n### सैटेलाइट ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार\n\nसाल 2022 में CEO Bridgit Mendler द्वारा स्थापित, Northwood Space का मुख्य फोकस सैटेलाइट और ग्राउंड स्टेशनों के बीच डेटा ट्रांसमिशन को आसान बनाना है। कंपनी की तकनीक में विशेष फेस्ड-ऐरे एंटीना और डेटा प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर शामिल हैं।\n\nबता दें कि इसी साल कंपनी ने U.S. Space Force के साथ $49.8 मिलियन का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किया था, जिसके तहत वे मिलिट्री के सैटेलाइट कंट्रोल नेटवर्क को अपग्रेड कर रहे हैं।\n\n### भारतीय निवेशकों के लिए क्या है स्थिति?\n\nभारतीय बाजार के निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि Northwood Space एक प्राइवेट अमेरिकी कंपनी है। यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसमें कोई भी सीधे तौर पर निवेश नहीं कर सकता।\n\nइस तरह के वेंचर-बैक्ड स्टार्टअप्स के साथ जोखिम भी जुड़े होते हैं, जैसे कि भारी इंफ्रास्ट्रक्चर लागत और तेजी से मैन्युफैक्चरिंग को स्केल करने की चुनौती। कंपनी की सफलता काफी हद तक सैटेलाइट इंडस्ट्री की ग्रोथ और सरकारी डिफेंस बजट पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.