प्रॉपटेक यूनिकॉर्न NoBroker ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹1,000 करोड़** से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल कर लिया है। कंपनी ने अपने घाटे को कम कर **₹300 करोड़** पर ला दिया है और अब अगले **8 से 15 महीने** में मुनाफे में आने की तैयारी कर रही है। फिलहाल, मैनेजमेंट ने IPO की योजनाओं को होल्ड पर रख दिया है।
मुनाफे की ओर बढ़ते कदम
बेंगलुरु स्थित प्रॉपटेक प्लेटफॉर्म NoBroker ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू मार्क पार कर एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है। कंपनी अब आक्रामक विस्तार के बजाय ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मैनेजमेंट का लक्ष्य अगले 8 से 15 महीनों में पूरी तरह से प्रॉफिटेबल होना है।
घाटे में कटौती और IPO पर अपडेट
कंपनी ने अपने कैश बर्न को काफी हद तक नियंत्रित किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालाना नुकसान में 25% से 30% तक की कमी आई है, जिससे यह अब लगभग ₹300 करोड़ रह गया है। CEO अमित कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में कंपनी अब सस्टेनेबल ग्रोथ पर जोर दे रही है। यही वजह है कि फिलहाल किसी भी नए फंडिंग राउंड या IPO की योजना को टाल दिया गया है, ताकि कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर फोकस बना रहे।
रेवेन्यू के नए सोर्स
NoBroker अब सिर्फ प्रॉपर्टी बाइंग-सेलिंग या रेंटिंग तक सीमित नहीं है। कंपनी की 50% कमाई अब अलग-अलग सर्विसेस से आ रही है। इनके 'NoBrokerHood' ऐप से 25,000 से ज्यादा हाउसिंग सोसाइटी जुड़ी हैं, साथ ही होम इंटीरियर और पैकर्स एंड मूवर्स जैसी सुविधाएं भी कंपनी के रेवेन्यू को सहारा दे रही हैं।
मार्केट चुनौतियां
प्रॉपटेक सेक्टर में मुकाबला काफी कड़ा है और कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC) हमेशा एक बड़ी चुनौती बनी रहती है। कंपनी का बिजनेस रियल एस्टेट मार्केट की सेहत पर निर्भर करता है, इसलिए मार्केट में सुस्ती का असर इनके रेवेन्यू पर पड़ सकता है। फिलहाल, NoBroker एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए यह NSE या BSE पर ट्रेड नहीं करती है।
