Navana.ai: वॉइस AI स्टार्टअप ने जुटाए **₹40 करोड़**, Ronnie Screwvala ने किया निवेश

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Navana.ai: वॉइस AI स्टार्टअप ने जुटाए **₹40 करोड़**, Ronnie Screwvala ने किया निवेश

Voice AI स्टार्टअप Navana.ai ने अपना Series A फंडिंग राउंड पूरा कर लिया है। दिग्गज निवेशक Ronnie Screwvala के नेतृत्व में कंपनी ने **₹40 करोड़** जुटाए हैं, जिसका इस्तेमाल भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर के लिए खास वॉइस टेक्नोलॉजी बनाने में किया जाएगा।

वॉइस टेक्नोलॉजी में आया नया मोड़

Navana.ai अपनी नई पूंजी का इस्तेमाल वॉइस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी को और मजबूत करने में करेगी। कंपनी का मुख्य फोकस बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर पर है। स्टार्टअप ने अपना एक प्रोप्रायटरी स्पीच मॉडल 'Bodhi' तैयार किया है, जो भारत की जटिल भाषाओं को समझने में माहिर है। यह मॉडल 12 भाषाओं और 45 अलग-अलग बोलियों को सपोर्ट करता है, जो शोर-शराबे वाले माहौल में भी सटीक काम कर सकता है।

डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा पर दांव

ज्यादातर AI कंपनियां पब्लिक क्लाउड का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन Navana.ai का मॉडल 'ऑन-प्रेमिस' (On-premise) है। इसका मतलब है कि क्लाइंट्स का डेटा उनके खुद के सर्वर पर सुरक्षित रहता है, न कि किसी बाहरी क्लाउड स्टोरेज पर। बैंक और फाइनेंशियल संस्थानों के लिए डेटा की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है, इसलिए यह तकनीक उनके लिए काफी मददगार साबित हो रही है।

ग्राहकों की लंबी लिस्ट और भविष्य की चुनौतियां

कंपनी अब तक 10 करोड़ (100 million) मिनट से ज्यादा की वॉइस इंटरेक्शन प्रोसेस कर चुकी है। इसके प्रमुख क्लाइंट्स में Bajaj Finserv, Protean, Ujjivan Small Finance Bank और Jana Small Finance Bank शामिल हैं।

हालांकि, इस सेक्टर में कॉम्पिटिशन काफी तेज है। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'ऑन-प्रेमिस' मॉडल को स्केल करना है, क्योंकि इसमें हर क्लाइंट के लिए अलग इंजीनियरिंग सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा, सरकार के डेटा प्राइवेसी नियमों में होने वाले बदलाव भी कंपनी की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या कंपनी अपने ऑपरेशंस को बिना लागत बढ़ाए और बड़े पैमाने पर फैला पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.