AI स्टार्टअप Mistlabs ने हाल ही में **$2.6 करोड़** (करीब **26 मिलियन डॉलर**) की फंडिंग जुटाई है। कंपनी 'Ambi' नाम का एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रही है जो रियल-टाइम में प्रोएक्टिव AI असिस्टेंस देगा, हालांकि डेटा प्राइवेसी को लेकर चुनौतियां बरकरार हैं।
फंडिंग का नया दौर
AI सेक्टर में हलचल मचाते हुए, Mistlabs ने अपनी प्री-ए फंडिंग राउंड में $2.6 करोड़ की पूंजी जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व Luminous Ventures और हार्डवेयर कंपनी Huaqin Technology ने किया। कंपनी के CEO Peter Mo हैं, जो पहले Plaud के साथ काम कर चुके हैं।
क्या है 'Ambi' का जादू?
पारंपरिक AI असिस्टेंट केवल काम खत्म होने के बाद समरी देते हैं, लेकिन Mistlabs का 'Ambi' एक 'एम्बिएंट' एजेंट की तरह काम करेगा। यह बैकग्राउंड में रहकर ऑडियो, कैलेंडर और डेटा का इस्तेमाल करेगा, जिससे काम के दौरान ही रियल-टाइम सुझाव मिल सकेंगे। फिलहाल इसे Apple के iPhone, Mac और Watch के साथ जोड़ा जा रहा है, और भविष्य में कंपनी खुद के कैमरे और माइक वाले वियरेबल डिवाइस लाने की भी तैयारी कर रही है।
एजेंट-टू-एजेंट कम्युनिकेशन
इस टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खासियत है 'एजेंट-टू-एजेंट कम्युनिकेशन'। यानी अलग-अलग AI डिवाइस आपस में तालमेल बिठाकर यूजर के बिहाफ पर काम को ऑटोमेट कर सकते हैं। यह साधारण चैटबॉट से आगे बढ़कर सीधे एक्शन लेने वाले 'एजेंटिक AI' की ओर बड़ा कदम है।
डेटा प्राइवेसी की बड़ी चुनौती
सब कुछ इतना आसान नहीं है। लगातार ऑडियो रिकॉर्डिंग और डेटा कैप्चर की वजह से यह कंपनी प्राइवेसी विशेषज्ञों के निशाने पर है। जानकारों का कहना है कि सोशल और प्रोफेशनल सेटिंग में बिना सहमति के डेटा जुटाना बड़ी कानूनी मुसीबत खड़ी कर सकता है। रेगुलेटरी नियमों के सख्त होने के साथ, Mistlabs के लिए यूजर का भरोसा जीतना और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगी।
