मेक इन इंडिया को मिलेगी नई रफ्तार!
इस ताज़ातरीन फंड का इस्तेमाल Mekr Technologies अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करने, मैन्युफैक्चरिंग ऑटोमेशन को बढ़ाने और ग्लोबल एक्सपोर्ट के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में करेगी। कंपनी 2022 में स्थापित हुई थी और तब से यह Croma, Wipro, Amazon Basics और Flipkart जैसे बड़े ब्रांड्स के लिए होम अप्लायंसेज, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और कार एक्सेसरीज़ बनाती रही है।
भारत का बढ़ता अप्लायंस बाज़ार
Mekr की यह रणनीति 'मेक इन इंडिया' पहल और वैश्विक स्तर पर स्थानीय रूप से निर्मित उत्पादों की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए बिल्कुल सही है। भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को खूब बढ़ावा दिया है। अनुमान है कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन FY25 तक ₹5.25 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। वहीं, भारत का घरेलू अप्लायंस बाज़ार 2030 तक USD 33.63 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। Mekr जैसी कंपनियां देश की आयात पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं, क्योंकि 2023 में भारत ने ₹80,000 करोड़ से अधिक के पुर्जे आयात किए थे।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और भविष्य की राह
हालांकि, Mekr को Dixon Technologies और Amber Enterprises जैसी स्थापित कंपनियों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा। कंपनी को हर महीने दस लाख यूनिट्स के प्रोडक्शन लक्ष्य को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा करना होगा। Mekr का लक्ष्य अपनी टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का इस्तेमाल कर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में बड़ा हिस्सा हासिल करना है। कंपनी की योजना भारत को 2030 तक कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स का वैश्विक हब बनाने में मदद करना है, बशर्ते वह प्रतिस्पर्धी दबावों और परिचालन चुनौतियों से निपट सके।
