ई-कॉमर्स कंपनी Meesho ने अपने पेमेंट सब्सिडियरी में **₹400 करोड़** के भारी निवेश का ऐलान किया है। कंपनी का लक्ष्य रिटेल कारोबार से आगे बढ़कर लैंडिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
फिनटेक पर दांव
Meesho के बोर्ड ने 28 अक्टूबर, 2026 को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'Meesho Payments Private Limited' (MPPL) में ₹400 करोड़ तक की पूंजी डालने की मंजूरी दे दी है। कंपनी इस फंड को राइट्स इश्यू के जरिए जुटाएगी। इस कदम के जरिए Meesho अपने मौजूदा मर्चेंट और यूजर नेटवर्क को क्रेडिट और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज मुहैया कराने की तैयारी में है।
इसके साथ ही, कंपनी ने एक नई फाइनेंशियल सर्विसेज सब्सिडियरी बनाने का फैसला किया है, जिसमें ₹15 करोड़ का शुरुआती निवेश किया जाएगा। इस नए स्ट्रक्चर से कंपनी को अपने लेंडिंग प्रोडक्ट्स पर बेहतर कंट्रोल मिलेगा और वह फिनटेक नियमों का पालन भी आसानी से कर सकेगी।
फाइनेंशियल सेहत और चुनौती
फिलहाल, कंपनी का पेमेंट डिवीजन भारी निवेश के दौर में है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में इस यूनिट का टर्नओवर ₹11.05 करोड़ रहा, जबकि कंपनी को ₹24.65 करोड़ का नेट लॉस हुआ। हालांकि, पैरेंट कंपनी का प्रदर्शन सुधर रहा है। Q2 FY27 में Meesho ने ₹4,132 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया और अपना नेट लॉस घटाकर ₹132 करोड़ पर ले आई है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
NSE पर ₹222-224 के आसपास ट्रेड कर रहा यह स्टॉक फिलहाल महत्वपूर्ण मोड़ पर है। ई-कॉमर्स सेक्टर में बढ़ते कॉम्पिटिशन और ऑर्डर ग्रोथ में नरमी के बीच, निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या लेंडिंग में यह बड़ा निवेश कंपनी के मुनाफे (Profitability) को प्रभावित करेगा या नहीं। अब शेयरहोल्डर्स नई सब्सिडियरी के लॉन्च और इन सेवाओं को यूजर्स से मिलने वाले रिस्पॉन्स पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं।
