Meesho और Groww के CEOs ने खोला राज, IPO के बाद कैसे बदल गई कंपनी की लाइफ

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Meesho और Groww के CEOs ने खोला राज, IPO के बाद कैसे बदल गई कंपनी की लाइफ

ET Startup Awards 2026 में Meesho के CEO Vidit Aatrey और Groww के CEO Lalit Keshre ने अपनी लिस्टिंग के बाद के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे तिमाही नतीजों का दबाव और रिटेल निवेशकों के भरोसे को बनाए रखना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

बाजार की नई हकीकत

9 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित ET Startup Awards के दौरान देश की दो बड़ी टेक कंपनियों के लीडर्स ने पब्लिक कंपनी चलाने की चुनौतियों पर चर्चा की। Meesho और Groww, जो 2025 के अंत में NSE और BSE पर लिस्ट हुई थीं, के प्रमुखों ने बताया कि प्राइवेट स्टार्टअप से पब्लिक कॉर्पोरेशन बनने का सफर कितना चुनौतीपूर्ण रहा है।

तिमाही नतीजों का दबाव (Quarterly Reporting Pressure)

दोनों CEOs ने IPO के बाद आए ऑपरेशनल बदलावों पर खुलकर बात की। जहां एक प्राइवेट कंपनी का फोकस केवल लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर होता है, वहीं पब्लिक लिस्टेड कंपनियों को हर तीन महीने में अपने प्रदर्शन का हिसाब देना पड़ता है। Aatrey ने बताया कि शॉर्ट-टर्म टारगेट्स को पूरा करने के साथ-साथ लॉन्ग-टर्म विजन को बचाए रखना एक बहुत ही कठिन संतुलन है, जिसके लिए मजबूत इंटरनल तालमेल की जरूरत होती है।

रिटेल निवेशकों की जिम्मेदारी

इस बातचीत का सबसे भावुक हिस्सा रिटेल निवेशकों के प्रति जवाबदेही थी। Meesho के मैनेजमेंट ने साझा किया कि उनकी पहली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में वे उन आम लोगों से मिले, जिन्होंने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी कंपनी के शेयरों में लगाई है। यह अहसास मैनेजमेंट पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी डालता है कि हर फैसला इन हजारों निवेशकों की फाइनेंशियल सेहत पर सीधा असर डालता है।

ग्राहकों और शेयरधारकों का मेल

'स्टार्टअप ऑफ द ईयर' का खिताब जीतने वाली Groww के CEO Lalit Keshre ने एक अलग नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि चूंकि उनके प्लेटफॉर्म के ग्राहक ही उनके शेयरधारक भी हैं, इसलिए कंपनी के लिए अपने पुराने विजन पर टिके रहना आसान हो जाता है।

मार्केट में बढ़ता कद

दोनों कंपनियों का वैल्यूएशन आज $10 बिलियन के पार निकल चुका है। सितंबर 2026 में FTSE Emerging Markets All Cap Index में शामिल होने के बाद, अब इन कंपनियों की अगली चुनौती अपनी ग्रोथ को बनाए रखते हुए कॉर्पोरेट गवर्नेंस के कड़े नियमों का पालन करना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.