बेंगलुरु स्थित सेमीकंडक्टर स्टार्टअप Makr Microsystems ने **₹10.2 करोड़** की सीड फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व Bluehill VC और Artha Venture Fund ने किया है। कंपनी अब अपनी चिप इंस्पेक्शन तकनीक के वैलिडेशन पर काम कर रही है।
तकनीक का दम
Makr Microsystems मुख्य रूप से 'सेमीकंडक्टर मेट्रोलॉजी' के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी 'Acoustic Atomic Force Microscopy' (AAFM) नाम की एक खास तकनीक विकसित कर रही है। इसे आप माइक्रोचिप्स के लिए एक 'एडवांस्ड एक्स-रे' मान सकते हैं, जो चिप्स को बिना नुकसान पहुंचाए उसके अंदर छिपे डिफेक्ट्स को पकड़ने की क्षमता रखती है। जैसे-जैसे दुनिया 3D चिप्स और कॉम्प्लेक्स पैकेजिंग की ओर बढ़ रही है, वैसी तकनीक की जरूरत तेजी से बढ़ रही है।
फाउंडर और लक्ष्य
2025 में अश्विन लाल द्वारा स्थापित यह स्टार्टअप सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी जगह बना रहा है। इस ₹10.2 करोड़ की पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपने डिजाइन फेज से निकलकर कस्टमर टेस्टिंग और वैलिडेशन के लिए करेगी। मैन्युफैक्चरर्स के लिए 'प्रोडक्शन यील्ड' (एक बैच में कितनी सही चिप्स बनीं) बढ़ाना मुनाफे के लिए सबसे जरूरी है, और यहीं पर कंपनी की तकनीक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात (Warning)
जो निवेशक बाजार में इस खबर को देख रहे हैं, उनके लिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि Makr Microsystems एक प्राइवेट और अनलिस्टेड कंपनी है। इसका कोई पब्लिक स्टॉक मार्केट लिस्टिंग, टिकर या शेयर प्राइस नहीं है। यानी आप NSE या BSE के जरिए इसमें कोई निवेश नहीं कर सकते। यह एक अर्ली-स्टेज स्टार्टअप है, जिसे अपने हार्डवेयर को बड़े पैमाने पर साबित करने की चुनौती का सामना करना होगा।
