L&T Innovation Fund की नई रणनीति: अब डीपटेक स्टार्टअप्स में लगाएगा पैसा!

STARTUPSVC
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
L&T Innovation Fund की नई रणनीति: अब डीपटेक स्टार्टअप्स में लगाएगा पैसा!

Larsen & Toubro (L&T) का वेंचर कैपिटल आर्म, L&T Innovation Fund, अब विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर फोकस कम करके भारत के शुरुआती स्टेज (Early-stage) वाले डीपटेक स्टार्टअप्स में निवेश करेगा। फंड **$1 मिलियन से $10 मिलियन** तक की पूंजी देगा और AI, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में मार्केट एंट्री के लिए सपोर्ट भी करेगा।

L&T Innovation Fund का बड़ा कदम

Larsen & Toubro (L&T) के कॉर्पोरेट वेंचर आर्म, L&T Innovation Fund ने अपनी निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब यह फंड पुरानी, परिपक्व (Mature) विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों की बजाय भारत के शुरुआती स्टेज (Early-stage) वाले डीपटेक स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस बदलाव का मकसद देश में स्वदेशी टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है।

पुरानी रणनीति से नई की ओर

पहले L&T Innovation Fund उन कंपनियों में निवेश करता था जो टेक्नोलॉजी रेडिनेस लेवल्स (TRLs) 7 या 8 पर थीं, यानी प्रोटोटाइप से आगे बढ़कर बाजार में आने के करीब थीं। लेकिन नई रणनीति के तहत, फंड अब TRLs 4 या 5 वाले स्टार्टअप्स को टारगेट करेगा। ये वो कंपनियां होती हैं जो अक्सर प्रोटोटाइप या वैलिडेशन स्टेज पर होती हैं। फंड का लक्ष्य ऐसी कंपनियों को जरूरी पूंजी और ऑपरेशनल सपोर्ट देकर उन्हें TRL 7 या 8 तक पहुंचाना है।

कितना होगा निवेश और क्या मिलेगा सपोर्ट?

पिछले पांच सालों में दुनिया भर में 8 निवेश कर चुका L&T Innovation Fund, अब हर स्टार्टअप में आमतौर पर $1 मिलियन से $10 मिलियन के बीच निवेश करने की योजना बना रहा है। सिर्फ पैसा ही नहीं, L&T अपने विशाल इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर अनुभव का इस्तेमाल करके इन स्टार्टअप्स को मार्केट में अपनी जगह बनाने (Go-to-market strategies) के लिए पार्टनर्स और कस्टमर्स ढूंढने में भी मदद करेगा।

किन सेक्टर्स पर रहेगी नज़र?

फंड की रुचि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्पेस टेक्नोलॉजी, डिफेंस, इंडस्ट्री 4.0 और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन जैसे क्षेत्रों में है। L&T खासतौर पर ऐसे फाउंडर्स की तलाश में है जिनके पास मजबूत इंजीनियरिंग बैकग्राउंड हो और जो इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) बना रहे हों। यह कदम L&T की डेटा सेंटर्स, इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बढ़ती दिलचस्पी के अनुरूप है।

निवेशकों के लिए ज़रूरी बात

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि शुरुआती स्टेज वाले स्टार्टअप्स में निवेश, उन कंपनियों की तुलना में ज्यादा जोखिम भरा होता है जो पहले से ही कमर्शियल होने के करीब हैं। TRL 4 या 5 स्टेज पर स्टार्टअप्स को प्रोडक्ट डेवलपमेंट, रेगुलेटरी अप्रूवल और कस्टमर एक्विजिशन जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि यह L&T के लिए टेक्नोलॉजिकल एज हासिल करने का एक तरीका है, लेकिन यह एक वेंचर कैपिटल आर्म के तौर पर काम करता है और फिलहाल पेरेंट कंपनी के लिए सीधे रेवेन्यू का जरिया नहीं है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.