Jubilant Bhartia Foundation का बड़ा ऐलान! 200 स्टार्टअप्स को मिलेगी मदद, जानें क्या है 'BHARAT IMPACT'

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jubilant Bhartia Foundation का बड़ा ऐलान! 200 स्टार्टअप्स को मिलेगी मदद, जानें क्या है 'BHARAT IMPACT'

Jubilant Bhartia Foundation (JBF) ने 'BHARAT IMPACT' इनिशिएटिव का विस्तार करते हुए 2030 तक 200 सोशल और एनवायरमेंटल स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करने का लक्ष्य रखा है। यह प्रोग्राम शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को उनके बिजनेस मॉडल को बेहतर बनाने के लिए ग्रांट और मेंटरशिप प्रदान करेगा। हालांकि, यह एक नॉन-प्रॉफिट पहल है और इसका Jubilant Group की लिस्टेड कंपनियों के शेयर भाव पर सीधा असर नहीं होगा।

'BHARAT IMPACT' के तहत 200 स्टार्टअप्स का लक्ष्य

Jubilant Bhartia Group का फिलैंथ्रॉपिक आर्म, Jubilant Bhartia Foundation (JBF), अपने 'BHARAT IMPACT' इनिशिएटिव को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ा रहा है। फाउंडेशन ने साल 2030 तक 200 सोशल और एनवायरमेंटल स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसका मकसद शुरुआती चरण में स्टार्टअप्स को आने वाली दिक्कतों से निकलने में मदद करना है।

'Impact Quest' प्रोग्राम का फोकस

इस प्रयास का केंद्र 'Impact Quest' प्रोग्राम है, जिसे IIM Ahmedabad Ventures और Schwab Foundation के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। अब तक, फाउंडेशन 44 स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट कर चुका है और करीब ₹3 करोड़ की ग्रांट बांट चुका है। यह प्रोग्राम सिर्फ पूंजी देने के बजाय, इन युवा कंपनियों को Jubilant इकोसिस्टम से जोड़ता है। साथ ही, उन्हें मेंटरशिप, बिजनेस मॉडल की पुष्टि और अपने मार्केट प्रस्तावों को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन भी मिलता है।

शेयर भाव पर सीधा असर नहीं

यह पहल Jubilant Bhartia Group के लिए एक महत्वपूर्ण फिलैंथ्रॉपिक कदम है। लेकिन, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि Jubilant Bhartia Foundation एक अलग, नॉट-फॉर-प्रॉफिट संस्था है और यह लिस्टेड कंपनी नहीं है। फाउंडेशन की गतिविधियां और ग्रांट का Jubilant FoodWorks, Jubilant Pharmova, या Jubilant Ingrevia जैसी ग्रुप की पब्लिक लिस्टेड कंपनियों के शेयर भाव या फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

निवेशकों के लिए, यह पहल ग्रुप के इनोवेशन को बढ़ावा देने और ESG (Environmental, Social, and Governance) क्रेडेंशियल्स को मजबूत करने के फोकस को दर्शाती है। सोशल या एनवायरमेंटल एप्लीकेशन्स वाले स्टार्टअप्स के साथ जुड़कर, ग्रुप उभरती हुई टेक्नोलॉजीज और बिजनेस मॉडलों से जुड़ा रहता है। यह कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

जोखिम और भविष्य की राह

हालांकि, इस इनिशिएटिव में स्टार्टअप सेक्टर से जुड़े सामान्य जोखिम भी हैं। शुरुआती चरण के वेंचर्स में असफलता की दर अक्सर अधिक होती है। प्रोग्राम की सफलता पूरी तरह इन स्टार्टअप्स की कमर्शियल व्यवहार्यता हासिल करने और अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, क्योंकि फाउंडेशन मुख्य रूप से CSR योगदानों के माध्यम से संचालित होता है, इसकी फंडिंग क्षमता ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों की फाइनेंशियल हेल्थ और प्रॉफिटेबिलिटी से जुड़ी है। अगर ग्रुप के मुनाफे पर दबाव आता है, तो CSR बजट में बदलाव हो सकता है, जिसका असर लॉन्ग-टर्म इनक्यूबेशन कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध संसाधनों पर पड़ सकता है।

फाउंडेशन का कहना है कि उसका लक्ष्य इनक्यूबेट किए गए कम से कम आधे स्टार्टअप्स को सफल बनाना है। जो निवेशक ग्रुप के समग्र गवर्नेंस और ESG फुटप्रिंट पर नज़र रखते हैं, वे भविष्य की एनुअल फाइलिंग्स में कंपनी की व्यापक सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग के हिस्से के रूप में इन अपडेट्स को देख सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.