Joshua Kushner की Thrive Capital का AI में बड़ा दांव, कंसन्ट्रेटेड इन्वेस्टमेंट पर फोकस

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Joshua Kushner की Thrive Capital का AI में बड़ा दांव, कंसन्ट्रेटेड इन्वेस्टमेंट पर फोकस

वेंचर कैपिटल (VC) इंडस्ट्री में AI को लेकर चल रहे शोरगुल के बीच, Joshua Kushner की Thrive Capital ने एक अलग रणनीति अपनाई है। कंपनी AI में बड़े पैमाने पर निवेश करने के बजाय, कुछ चुनिंदा कंपनियों पर अपना सारा दांव लगा रही है।

Joshua Kushner, जो Thrive Capital के फाउंडर हैं, ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश को लेकर वेंचर कैपिटल (VC) इंडस्ट्री की आम सोच को चुनौती दी है। उन्होंने एक इन्वेस्टर लेटर में कहा कि AI को लेकर जो जबरदस्त उत्साह है, उसमें कंपनियों को सोच-समझकर निवेश करना चाहिए और छोटी-मोटी टेक्नोलॉजी पर पैसा नहीं लगाना चाहिए।

कंसन्ट्रेटेड इन्वेस्टमेंट की रणनीति

जहां कई बड़ी VC फर्म्स हर छोटी-बड़ी स्टार्टअप में पैसा लगाती हैं ताकि कोई एक कंपनी बड़ा रिटर्न दे सके, वहीं Thrive Capital अपनी पूंजी कुछ चुनिंदा जगहों पर लगा रही है। फर्म का कहना है कि उसके 90% फंड टॉप 15 इन्वेस्टमेंट में लगे हुए हैं। इस कंसन्ट्रेटेड अप्रोच से फर्म का मानना है कि वे मार्केट ट्रेंड्स के बहकावे में आए बिना, अपने विवेक पर फैसले ले पाते हैं। 2026 की शुरुआत में, Thrive ने $10 बिलियन का एक नया फंड भी रेज़ किया था, जो इस हाई-कन्विक्शन मॉडल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इंडस्ट्री में बदलाव की कोशिश

Thrive Capital सिर्फ पैसा लगाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे इंडस्ट्रीज को अंदर से बदलने पर भी जोर देते हैं। यह काम वे Thrive Holdings जैसे वाहनों के जरिए कर रहे हैं, जो 2025 में शुरू हुई थी। अगस्त 2026 में, Thrive Holdings ने $2 बिलियन का फंड रेज़ किया, जिसकी वैल्यूएशन $12 बिलियन थी। इसमें SoftBank, D1 Capital Partners और Altimeter Capital जैसे बड़े इन्वेस्टर्स शामिल थे। इस व्हीकल का इस्तेमाल पारंपरिक बिजनेस को एक्वायर करने और AI की मदद से उनके ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, जिसमें OpenAI का भी बड़ा सपोर्ट है।

निवेशकों के लिए जोखिम

हालांकि यह कंसन्ट्रेटेड रणनीति बड़े रिटर्न का वादा करती है, लेकिन इसमें कुछ खास जोखिम भी हैं जिन्हें निवेशकों को समझना चाहिए। फर्म का झुकाव कुछ गिनी-चुनी प्राइवेट कंपनियों, खासकर OpenAI पर बहुत ज्यादा है। अगर OpenAI को किसी रेगुलेटरी समस्या या परफॉरमेंस में दिक्कत आती है, तो इसका Thrive के पोर्टफोलियो की वैल्यूएशन पर बड़ा असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, क्योंकि ये AI फर्म्स अभी प्राइवेट हैं, इनकी वैल्यूएशन पब्लिक मार्केट के बजाय मार्केट सेंटिमेंट पर निर्भर करती है। अगर AI सेक्टर में गिरावट आती है या अपेक्षित IPOs में देरी होती है, तो फर्म की वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ सकता है। इस जोखिम को कम करने के लिए, Thrive ने कुछ लिक्विड इन्वेस्टमेंट भी किए हैं। उदाहरण के लिए, हाल ही में फर्म ने Amazon में $215 मिलियन का स्टेक लिया है, जो उनके प्राइवेट AI और टेक्नोलॉजी होल्डिंग्स की इल्लिक्‍विडिटी (illiquidity) के खिलाफ एक हेजिंग (hedging) का काम करता है।

कुल $60 बिलियन एसेट्स को मैनेज कर रही इस फर्म के लिए, आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि AI मार्केट के मैच्योर होने के साथ ये कंसन्ट्रेटेड बेट्स कैसा परफॉर्म करते हैं। इन्वेस्टर्स संभवतः लिक्विडिटी इवेंट्स, जैसे IPOs या कंपनी की बिक्री का इंतजार करेंगे, ताकि इन हाई प्राइवेट वैल्यूएशन को असल रिटर्न में बदला जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.