राहुल सेठ द्वारा स्थापित वेंचर फर्म Industrial47 ने डिफेंस, स्पेस और एनर्जी सेक्टर के स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए **₹85 करोड़** का फंड जुटा लिया है। कंपनी का लक्ष्य इसे **₹150 करोड़** तक ले जाने का है, हालांकि इन सेक्टर्स में रेगुलेटरी अप्रूवल और लंबे डेवलपमेंट टाइमलाइन जैसे बड़े जोखिम भी शामिल हैं।
डीप-टेक का भविष्य
Industrial47 ने अपने पहले वेंचर फंड का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस ₹85 करोड़ की राशि का उपयोग डिफेंस सिस्टम, स्पेस टेक्नोलॉजी, मैरीटाइम इंटेलिजेंस और एनर्जी इनोवेशन जैसे जटिल क्षेत्रों में शुरुआती स्तर की कंपनियों को मदद देने के लिए किया जाएगा। कंपनी की योजना इसे ₹150 करोड़ तक पहुंचाने की है, ताकि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सके।
कौन कर रहा है निवेश?
इस फंड में कई बड़े संस्थागत और व्यक्तिगत निवेशकों ने भरोसा जताया है। प्रमुख पार्टनर्स में Bhukhanvala Holdings, Chemet India, और पूर्व Elevation Capital लीडर Vivek Mathur शामिल हैं। इसके अलावा, Swiggy और Urban Company के फाउंडर्स का भी इस फंड को समर्थन प्राप्त है, जो स्टार्टअप्स को बेहतर स्केलिंग अनुभव प्रदान करने में मददगार साबित होगा।
क्या हैं चुनौतियां?
साधारण सॉफ्टवेयर स्टार्टअप्स के मुकाबले, डीप-टेक कंपनियां काफी अलग हैं। इनमें रिसर्च, प्रोटोटाइप और टेस्टिंग पर भारी खर्च होता है, और मुनाफे तक पहुँचने में लंबा समय लगता है। साथ ही, ये कंपनियां सरकारी नियमों और कॉन्ट्रैक्ट्स पर अत्यधिक निर्भर होती हैं।
फाउंडर राहुल सेठ, जिनका अनुभव आर्मड फोर्सेज और Pixxel जैसी कंपनियों के साथ रहा है, अब 15 से 20 स्टार्टअप्स के पोर्टफोलियो पर नजर टिकाए हुए हैं। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा 'मॉनिटरेबल' फैक्टर यह होगा कि ये कंपनियां प्रोटोटाइप स्टेज से निकलकर वास्तविक फील्ड डिप्लॉयमेंट (Field Deployment) तक कितनी जल्दी पहुँच पाती हैं।
