ग्लोबल टेंशन का असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को भारतीय बाज़ार में इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसने निवेशकों को भारत की हाई-ग्रोथ, नई पीढ़ी की टेक कंपनियों के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। जो रैली आसान लिक्विडिटी और मजबूत लिस्टिंग पर चल रही थी, अब पलट गई है। निवेशक अब सट्टा ग्रोथ की जगह मुनाफे और टिकाऊ बिज़नेस मॉडल पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं, जिससे पहले आसमान छू रहे कई IPOs पर सवालिया निशान लग गया है।
विदेशी फंड की निकासी और बाज़ार पर असर
फरवरी 2026 के आखिर से निवेशकों का सेंटीमेंट काफी खराब हुआ है। मिडिल ईस्ट की भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों में सावधानी बढ़ा दी है, जिसके चलते मार्च 2026 में ही $2 बिलियन से ज़्यादा की विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) की निकासी हुई है। इस झटके ने बाज़ार की मौजूदा कमजोरियों को और बढ़ा दिया है, खासकर हाई वैल्यूएशन पर चल रही कंपनियों के लिए। बड़े भारतीय इक्विटी इंडेक्स, जैसे Nifty 50 और Sensex, फरवरी के अंत से लगभग 1.5% से 1.8% तक गिरे हैं, जो दिखाता है कि ज़्यादातर दबाव कुछ खास सेक्टर्स पर है।
कंपनियों के वैल्यूएशन में भारी गिरावट
FSN E-Commerce Ventures (Nykaa) और Nazara Technologies Ltd जैसी कंपनियां, जो कभी मार्केट लीडर मानी जाती थीं, अब अपनी वैल्यू में भारी कमी से जूझ रही हैं। 26 मार्च 2026 तक, Nykaa का मार्केट कैप लगभग ₹26,350 करोड़ है, जो फरवरी के अंत में लगभग ₹31,500 करोड़ था। Nazara Technologies का मार्केट कैप ₹5,870 करोड़ है, जो फरवरी के अंत में लगभग ₹7,200 करोड़ था। TBO Tek Ltd और Go Digit General Insurance Ltd के मार्केट कैप भी क्रमशः ₹4,890 करोड़ और ₹6,850 करोड़ पर आ गए हैं, जो साफ तौर पर बड़ी गिरावट को दर्शाते हैं।
प्राइमरी मार्केट में मंदी
बाज़ार की मुश्किल हालात BSE IPO इंडेक्स में साफ दिखते हैं, जो पिछले एक महीने में 4.5% से ज़्यादा गिरा है और 2026 में अब तक 8.2% से ज़्यादा टूट चुका है। प्राइमरी मार्केट में भारी थकान है, जहां 2026 में लिस्ट हुए 14 में से दस मेनबोर्ड IPO अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं। यह 2023 और 2024 की मजबूत लिस्टिंग गेन और लिक्विडिटी-ड्रिवन रैलियों से बिल्कुल उलट है। मौजूदा माहौल में निवेशकों की चयनात्मकता बढ़ गई है, जो सट्टा ग्रोथ की कहानियों के बजाय स्पष्ट लाभप्रदता और टिकाऊ बिज़नेस मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं
इन नई पीढ़ी की कंपनियों के लिए करंट मार्केट वैल्यूएशन चिंता का विषय बने हुए हैं। Nykaa का TTM P/E रेश्यो 125.50 है, Nazara Technologies का 75.20, Go Digit General Insurance का 95.70, और TBO Tek का 68.90 है। ये मल्टीपल्स ज़्यादातर मैच्योर इंडस्ट्रीज़ से काफी ज़्यादा हैं, जो ग्रोथ की उम्मीदें जगाते हैं जिन्हें इस सतर्क बाज़ार में पूरा करना मुश्किल हो सकता है। कंपनियों को अपने सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जो मार्केट शेयर और प्राइसिंग पावर को प्रभावित कर सकता है।