भारत की कई प्रमुख VC फर्म्स, जैसे Antler India, All In Capital, और India Accelerator, इस क्षेत्र में अगुआई कर रही हैं। वे अपने AI और SaaS कंपनियों को अमेरिका में एक मजबूत पहचान बनाने में मदद करने के लिए सिर्फ शुरुआती निवेश से कहीं बढ़कर, प्रैक्टिकल सपोर्ट दे रही हैं। Antler India का 'Embark' प्रोग्राम, जो विशेष रूप से फाउंडर्स का आत्मविश्वास बढ़ाने और विदेश में बिजनेस की शुरुआत करने के लिए बनाया गया है, अब तक 23 Startups को अमेरिका में एक्सपोजर दिलाने में कामयाब रहा है। वहीं, एक और बैच में लगभग 16 कंपनियाँ जल्द ही शामिल होने की उम्मीद है।
अमेरिका को निशाना बनाने का कारण स्पष्ट है – यह एंटरप्राइज AI के लिए दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे विकसित बाजार है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में करीब 11,800 AI Startups सक्रिय हैं, जबकि भारत में यह संख्या लगभग 2,320 है। इस बाजार की ताकत ग्लोबल सॉफ्टवेयर खर्च में अमेरिका की आधे से अधिक हिस्सेदारी से भी झलकती है, जिसका कुल मूल्य $368 बिलियन है।
All In Capital जैसे VCs इसे 'ब्रेन ड्रेन' (Brain Drain) नहीं, बल्कि ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ का एक स्वाभाविक हिस्सा मानते हैं। All In Capital के को-फाउंडर कुशल भागिया (Kushal Bhagia) का कहना है कि अमेरिकी बाजार को नज़रअंदाज़ करने का मतलब है बड़े रेवेन्यू पर हाथ धो बैठना। इन प्रोग्राम्स के लिए आवेदनों की भारी संख्या, जैसे All In के 'गोल्डन टिकट' के लिए 750 से ज़्यादा और Antler के 'Embark' के लिए करीब 1,200 आवेदन, इनकी लोकप्रियता दर्शाती है। India Accelerator के आशीष भाटिया (Ashish Bhatia) भी बताते हैं कि अमेरिका में AI पर केंद्रित वेंचर कैपिटल, विशाल एंटरप्राइज बजट और स्केल-अप के लिए एक मज़बूत टैलेंट पूल मौजूद है। उनका सुझाव है कि लागत कम रखने के लिए इंजीनियरिंग टीमों को भारत में रखते हुए, सेल्स (Sales) के लिए अमेरिका-केंद्रित रणनीति अपनाना सबसे प्रभावी तरीका है।
