VerifAIX, Disha और DheyaTech जैसे स्टार्टअप्स ने इस हफ्ते फ्रेश फंडिंग जुटाई है। निवेशक अब सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और हेल्थटेक जैसे निश सेक्टरों पर बड़ा दांव लगा रहे हैं, जो भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
डीप-टेक और एयरोस्पेस का जलवा
निवेशक अब ऐसी कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं जो इंजीनियरिंग और हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर के तालमेल पर काम कर रही हैं। सेमीकंडक्टर वेरिफिकेशन सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी VerifAIX ने Endiya Partners और Bluehill VC के नेतृत्व में US$5 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाई है। वहीं, एयरोस्पेस के क्षेत्र में DheyaTech ने ₹43 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी छोटे गैस टर्बाइन इंजन बनाने पर काम कर रही है, जिसकी डिफेंस और एविएशन इंडस्ट्री में काफी डिमांड है।
हेल्थटेक और कंज्यूमर प्लेटफॉर्म की चाल
हेल्थटेक स्टार्टअप Disha (जिसे पहले Curelink के नाम से जाना जाता था) ने सीरीज A राउंड में ₹44 करोड़ की फंडिंग हासिल की है। यह प्लेटफॉर्म क्रोनिक बीमारियों के मैनेजमेंट के लिए AI-आधारित कोचिंग देता है। इसके अलावा, TRUE ARTIS ने भी एस्थेटिक सर्जरी प्लेटफॉर्म के लिए ₹11.4 करोड़ जुटाए हैं।
क्विक कॉमर्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर
ब्यूटी प्रोडक्ट्स के लिए क्विक कॉमर्स स्टार्टअप Firi ने US$3 मिलियन जुटाए हैं, जिसमें कुणाल शाह भी एक निवेशक हैं। साथ ही, Enlight Metals ने इंडस्ट्रियल मेटल प्रोक्योरमेंट के लिए US$1.5 मिलियन की फंडिंग प्राप्त की है, जिसका मकसद इंडस्ट्री की सोर्सिंग मुश्किलों को कम करना है।
रिस्क और निवेश का आउटलुक
हालांकि यह फंडिंग स्टार्टअप्स के लिए अच्छी खबर है, लेकिन एयरोस्पेस और इंडस्ट्रियल टेक में लंबा समय और हाई एग्जीक्यूशन रिस्क बना रहता है। वहीं, क्विक कॉमर्स जैसी कंपनियों को कड़े कॉम्पिटिशन और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की चुनौती से पार पाना होगा। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि ये कंपनियां कैसे अपने कैश बर्न को मैनेज करते हुए स्केल करती हैं।
