भारतीय स्टार्टअप्स के लिए यह हफ्ता निवेश के लिहाज से बेहद शानदार रहा। QNu Labs ने **₹200 करोड़** और Carrum Mobility ने **$1 करोड़** (करीब **$10 मिलियन**) की फंडिंग हासिल की है, जो साइबर सिक्योरिटी और मोबिलिटी सेक्टर में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
सितंबर 2026 के दूसरे हफ्ते में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में काफी हलचल दिखी। निवेशकों ने इस बार कंज्यूमर टेक से हटकर डीप-टेक और बी-टू-बी (B2B) समाधानों पर ज्यादा दांव लगाया है।
प्रमुख डील्स और निवेशक
सबसे बड़ी खबर QNu Labs की रही, जिसने ₹200 करोड़ का फंड जुटाया। नेशनल क्वांटम मिशन और Speciale Invest के नेतृत्व में मिली यह फंडिंग भारत में डीप-टेक इनोवेशन को नया बूस्ट देगी। वहीं, मोबिलिटी सेक्टर में Uber की अगुवाई में Carrum Mobility ने $1 करोड़ ($10 मिलियन) जुटाकर लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है।
एआई और नीश सेक्टर में बड़ा निवेश
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जादू भी बरकरार है। DigitalPaani ने ₹22 करोड़ (Navam Capital के नेतृत्व में), Fundly.ai ने $4 मिलियन, और Graph AI ने $13.3 मिलियन का फंड हासिल किया है। ये कंपनियां वॉटर मैनेजमेंट, फार्मा सप्लाई चेन और फार्माकोविजिलेंस जैसे जटिल क्षेत्रों को डिजिटाइज कर रही हैं।
कंज्यूमर ब्रांड्स की दौड़
लाइफस्टाइल और नीश ब्रांड्स ने भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। डिज़ाइन-बेस्ड ब्रांड Theater ने ₹75 करोड़ की भारी राशि जुटाई है। इसके अलावा, Sorry Sugar, Lickicious, और Iztri (₹10 करोड़) जैसे स्टार्टअप्स ने अपनी कैटेगरी में पकड़ मजबूत करने के लिए फ्रेश कैपिटल लिया है।
निवेशकों की बदली हुई रणनीति
भले ही फंडिंग की रफ्तार तेज है, लेकिन स्टार्टअप्स के लिए चुनौतियां कम नहीं हैं। जनवरी 2027 से लागू होने वाले नए ई-कॉमर्स और डिजिटल बिजनेस नियमों को लेकर निवेशक और फाउंडर्स सतर्क हैं। अब दौर सिर्फ 'ग्रोथ' का नहीं, बल्कि 'कैपिटल एफिशिएंसी' और 'सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी' का है।
