Indian Startup Funding: स्टार्टअप्स की झोली में आए **$246 मिलियन**, अर्ली-स्टेज कंपनियों का बोलबाला

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Startup Funding: स्टार्टअप्स की झोली में आए **$246 मिलियन**, अर्ली-स्टेज कंपनियों का बोलबाला

भारतीय स्टार्टअप्स के लिए यह हफ्ता राहत लेकर आया है। इस हफ्ते स्टार्टअप्स ने कुल **$246 मिलियन** जुटाए हैं, जो पिछले हफ्ते के मुकाबले **6%** अधिक है। हालांकि, सालाना आधार पर यह आंकड़ा **27%** कम है। निवेशकों का पूरा फोकस इस समय अर्ली-स्टेज वेंचर्स पर है, जिन्होंने कुल फंडिंग का **70%** हिस्सा हासिल किया है।

बीते हफ्ते 22 फंडिंग राउंड्स के जरिए स्टार्टअप्स ने $246 मिलियन जुटाए। मार्केट के मौजूदा हालात को देखते हुए यह एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कुल फंडिंग में 27% की गिरावट चिंता का विषय है। वीसी (VCs) इस समय काफी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और चुनिंदा कंपनियों में ही पैसा लगा रहे हैं।

अर्ली-स्टेज कंपनियों का दबदबा

डेटा साफ बताता है कि निवेशकों को अब बड़ी कंपनियों के बजाय नई और छोटी कंपनियों में ज्यादा संभावनाएं दिख रही हैं। कुल फंडिंग का 70% अर्ली-स्टेज कंपनियों के पास गया, जबकि सीड-स्टेज ने 25% हिस्सेदारी हासिल की। इसके उलट लेट-स्टेज फंडिंग काफी कमजोर रही और कुल डील का केवल 4% ही हिस्सा ले पाई।

प्रमुख डील्स और हाइलाइट्स

  • Even Healthcare: इस कंपनी ने सबसे बड़ी $50 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। कंपनी का प्लान बेंगलुरु में 5 नए अस्पताल खोलने का है, हालांकि हॉस्पिटल का बिजनेस कैपिटल-इंटेन्सिव होता है, जिसे लेकर निवेशकों को सावधानी रखनी होगी।
  • Navitas Solar: ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ते कदम के साथ कंपनी ने $20 मिलियन जुटाए हैं। ये कंपनी 2.2 GW की सोलर सेल फैसिलिटी पर काम कर रही है।
  • Greenzo Energy: ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में सक्रिय इस कंपनी ने $13.7 मिलियन जुटाए हैं, जिसकी पोस्ट-मनी वैल्यूएशन ₹1,030 करोड़ आंकी गई है। इस राउंड में दिग्गज इन्वेस्टर आशीष कचोलिया ने भी निवेश किया है।
  • अन्य कंपनियां: The Pant Project ने $11.5 मिलियन, AuxoAI ने $20.7 मिलियन और Battery Smart ने $10 मिलियन जुटाकर मार्केट में हलचल मचाई है।

निवेशकों के लिए जोखिम

मार्केट में फंडिंग का बढ़ना अच्छा है, लेकिन ये कंपनियां अपने फंड का उपयोग कैसे करती हैं, यह सबसे बड़ी चुनौती है। खासकर Even Healthcare और Navitas Solar जैसी कंपनियां जो इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रही हैं, उन पर काम तय समय और बजट के अंदर पूरा करने का दबाव रहेगा। किसी भी तरह की देरी इनके कैश फ्लो को प्रभावित कर सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.