निवेशक भावना में बदलाव: निवेशकों की भावना में बदलाव घटते हुए सौदों की संख्या से स्पष्ट है। Inc42 की ‘एनुअल इंडियन स्टार्टअप ट्रेंड्स रिपोर्ट, 2025’ के अनुसार, हेल्थटेक बाजार में 39% CAGR से बढ़ने का अनुमान है, लेकिन यह क्षेत्र अब निवेशकों का पसंदीदा नहीं रहा। सौदों की संख्या 2024 में 78 से घटकर पिछले साल 54 रह गई, जिससे यह क्षेत्र फंडिंग रैंकिंग में चौथे से आठवें स्थान पर आ गया।
वैल्यूएशन की चुनौतियाँ उभरीं: कुल फंडिंग राशि लगभग 700 मिलियन डॉलर पर स्थिर रही, लेकिन प्रमुख सौदों पर करीब से नज़र डालने पर महत्वपूर्ण चुनौतियाँ सामने आती हैं। हेल्थ डेटा प्लेटफॉर्म Innovaccer ने 275 मिलियन डॉलर का सीरीज F राउंड सुरक्षित किया, जो पिछले साल के सबसे बड़े सौदों में से एक था। हालांकि, ऑनलाइन फार्मेसी स्टार्टअप PharmEasy ने 192 मिलियन डॉलर जुटाए, जो मुख्य रूप से ऋण के रूप में थे, और नकदी जलाने (cash burn) से जूझ रहा था। इसके वैल्यूएशन में भी भारी 90% की कटौती हुई, जो 5.6 अरब डॉलर के शिखर से घटकर 456 मिलियन डॉलर रह गया।
सीड और ग्रोथ स्टेज में सुस्ती: प्रारंभिक चरण (early-stage) के निवेश के आंकड़े बताते हैं कि सक्रिय निवेशकों के लिए हेल्थटेक शीर्ष पांच क्षेत्रों में नहीं है। करण बजाज के कॉम्प्लीमेंट (Complement) ने 16 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग जुटाई, लेकिन समग्र रूप से हेल्थटेक ने सीड स्टेज निवेश में पांचवें स्थान पर रही, जो दस साल पहले की तुलना में कम है। ग्रोथ स्टेज फंडिंग में भी हेल्थटेक शीर्ष पांच से बाहर हो गया, जो 2015 के बिल्कुल विपरीत है जब इसने 231 मिलियन डॉलर आकर्षित किए थे।
AI और डीपटेक पर ध्यान केंद्रित: निवेशक अब AI और डीपटेक स्टार्टअप्स की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जबकि एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और ई-कॉमर्स लोकप्रिय बने हुए हैं। फिनटेक ग्रोथ स्टेज फंडिंग में सबसे आगे है, जिसमें 1.4 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया गया है। पूंजी का यह पुन:निर्देशन हेल्थटेक की प्रारंभिक और विकास चरण की फंडिंग हासिल करने की क्षमता को प्रभावित करता है।
लेट-स्टेज में लचीलापन और नए फंड: लेट-स्टेज हेल्थटेक फंडिंग 400 मिलियन डॉलर से बढ़कर 600 मिलियन डॉलर हो गई, हालांकि सौदों की मात्रा में यह शीर्ष पांच से बाहर हो गया, जो चुनिंदा निवेशक रुचि को दर्शाता है। ग्लोबल हेल्थएक्स (Global HealthX) के रवींद्र कंचेर्ला ने नोट किया कि निवेश अब "विचार-आधारित (idea-led) से निष्पादन-आधारित (execution-led)" हो गया है, जिसमें सिद्ध अपनाने (proven adoption) और मापने योग्य प्रभाव (measurable impact) की मांग की जाती है।
व्यापक मंदी के बावजूद, 2024 में लॉन्च हुए 16% नए फंडों ने हेल्थटेक पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे यह तीसरा सबसे अधिक लक्षित क्षेत्र बन गया। W Health Ventures (70 मिलियन डॉलर), Quadria Capital (300 मिलियन डॉलर), और HealthKois (300 मिलियन डॉलर) जैसे फंड अभी भी इस क्षेत्र में पूंजी लगा रहे हैं, जो निरंतर, यद्यपि अधिक सतर्क, निवेशक विश्वास का संकेत देता है।
भारतीय हेल्थटेक फंडिंग हुई धीमी, वीसीज़ पुनर्विचार कर रहे हैं, वैल्यूएशन गिरे
STARTUPSVC
Overview
भारतीय हेल्थटेक स्टार्टअप्स वीसीज़ से निवेश पर पुनर्विचार का सामना कर रहे हैं। डील वॉल्यूम में भारी गिरावट आई है, जिससे सेक्टर की रैंकिंग भी फिसल गई है। प्रमुख प्लेयर PharmEasy के वैल्यूएशन में भारी 90% की कटौती हुई है। 2030 तक बाजार के 37 अरब डॉलर तक पहुंचने के अनुमान के बावजूद, निवेशकों का ध्यान व्यापक हेल्थटेक प्लेटफार्मों से हटकर AI, डीपटेक और सिद्ध प्रभाव वाले निष्पादन-आधारित समाधानों की ओर चला गया है।
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