Deeptech में बंपर निवेश! भारतीय फैमिली ऑफिसेस ने लगाया **$467 मिलियन** का दांव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Deeptech में बंपर निवेश! भारतीय फैमिली ऑफिसेस ने लगाया **$467 मिलियन** का दांव

भारत के अमीर परिवार अब डीपटेक स्टार्टअप्स में जमकर पैसा लगा रहे हैं। साल 2025 तक इन स्टार्टअप्स में सालाना निवेश बढ़कर **$467.1 मिलियन** तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि ये फैमिली ऑफिसेस पारंपरिक वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स की तरह नहीं, बल्कि AI, स्पेस और डिफेंस जैसे सेक्टर में लंबे समय तक टिकने वाली पूंजी (Patient Capital) लगा रहे हैं, जिन्हें कमर्शियली सफल होने में ज्यादा वक्त लगता है।

डीपटेक को मिल रहा है 'धैर्यवान' पैसा

भारत के सबसे अमीर परिवार डीपटेक स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग का परिदृश्य बदल रहे हैं। यह सेक्टर जटिल टेक्नोलॉजी और लंबे डेवलपमेंट साइकिल के लिए जाना जाता है। पारंपरिक वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स के विपरीत, जो आमतौर पर 5-6 साल में एग्जिट (Exit) का लक्ष्य रखते हैं, फैमिली ऑफिसेस अपनी दौलत को 'धैर्यवान पूंजी' (Patient Capital) के रूप में निवेश कर रहे हैं। इस सोच की वजह से ये निवेशक एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे इनोवेटिव वेंचर्स को 15-20 साल या उससे भी ज्यादा समय तक सपोर्ट कर सकते हैं। यह एक बड़ी जरूरत को पूरा करता है, जहां तुरंत मुनाफा कमाना अक्सर संभव नहीं होता।

वित्तीय मदद में बड़ी उछाल

इस निवेशक वर्ग में ग्रोथ तेजी से हुई है। भारत में फैमिली ऑफिसेस की संख्या 2018 के 45 से बढ़कर 2024 तक 300 से अधिक हो गई है, जो कुल मिलाकर $30 बिलियन से $35 बिलियन के बीच मैनेज कर रहे हैं। इस वित्तीय ताकत का मतलब है कि अर्ली-स्टेज (Early-stage) और ग्रोथ-स्टेज (Growth-stage) की कंपनियों को ज्यादा फंड मिल रहा है। 2025 में इन ऑफिसेस से कुल स्टार्टअप निवेश लगभग $1.8 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि 2020 में यह आंकड़ा $654 मिलियन था। खासतौर पर, सिंगल फैमिली ऑफिसेस द्वारा डीपटेक कंपनियों में सीधा निवेश 2025 में $467.1 मिलियन तक पहुंच गया, जो 2020 में सिर्फ $15.3 मिलियन था।

रिसर्च से रेवेन्यू की ओर बढ़ता फोकस

पूंजी के इस बदलाव का एक मुख्य कारण डीपटेक स्टार्टअप्स की बढ़ी हुई कमर्शियल व्यवहार्यता (Commercial Viability) है। कई कंपनियां, जिन्हें पहले सिर्फ रिसर्च-आधारित प्रोजेक्ट माना जाता था, अब लगातार रेवेन्यू कमा रही हैं और बाजार में अपनी पहचान बना रही हैं। इस परिपक्वता (Maturation) ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और बड़े चेक साइज (Cheque Size) को बढ़ावा दिया है। फैमिली ऑफिसेस से प्रति डील औसत निवेश 2021 में $4.4 मिलियन से बढ़कर 2026 (Year-to-Date) में $43.1 मिलियन हो गया है। Skyroot Aerospace का यूनिकॉर्न मूल्यांकन (Unicorn Valuation) और Emergent के लिए $130 मिलियन का बड़ा फंड राउंड जैसी हाई-प्रोफाइल मिसालें, बड़े और स्केलेबल बिजनेस मॉडल की ओर इस कदम को दर्शाती हैं।

स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और पॉलिसी सपोर्ट

इन निवेशों की तकनीकी जटिलताओं से निपटने के लिए, फैमिली ऑफिसेस अब स्पेशलाइज्ड वेंचर कैपिटल फर्मों के साथ मिलकर निवेश (Co-investing) कर रहे हैं, जो आवश्यक डोमेन विशेषज्ञता (Domain Expertise) प्रदान करती हैं। इसके अतिरिक्त, ₹1 ट्रिलियन के रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) फंड जैसी सरकारी पहलों ने स्पेसटेक और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में प्राइवेट निवेश को और प्रोत्साहित किया है। हालांकि कुछ डेटा 27 जुलाई, 2026 तक $215.6 मिलियन के निचले ईयर-टू-डेट (Year-to-date) निवेश का सुझाव देता है, उद्योग के विशेषज्ञ इसे डील फ्लो (Deal Flow) में एक अस्थायी उतार-चढ़ाव मानते हैं, न कि डीपटेक सेक्टर (Medtech और Pharmatech सहित) पर दीर्घकालिक रणनीतिक फोकस में बदलाव। भविष्य में, इन निवेशकों के लिए मुख्य कारक इन स्टार्टअप्स की शुरुआती नवाचार (Innovation) और टिकाऊ कमर्शियल स्केल (Sustainable Commercial Scale) के बीच की खाई को पाटने की क्षमता बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.