स्टार्टअप इकोसिस्टम में सुस्त पड़ रहे वेंचर कैपिटल मार्केट में नई जान फूंकने के लिए सरकार ने **₹7,131 करोड़** की रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) स्कीम शुरू की है। यह फंड 14 वेंचर कैपिटल फर्मों और 5 रिसर्च संस्थानों के जरिए निवेश किया जाएगा।
भारत सरकार ने स्टार्टअप्स की फंडिंग की दिक्कतों को दूर करने के लिए कमर कस ली है। इस नई RDI स्कीम के तहत ₹7,131 करोड़ का फंड 14 चुनिंदा वेंचर कैपिटल फर्मों और 5 रिसर्च संस्थानों को दिया जाएगा। इसमें Chiratae Ventures, Blume Ventures, Kalaari Capital, Speciale Invest और TVS Capital Funds जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
मार्केट में बदलता ट्रेंड
साल 2026 की तीसरी तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि VC मार्केट में कुछ बड़े बदलाव हुए हैं। कुल निवेश $2.7 बिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 3% ज्यादा है, लेकिन कुल डील्स की संख्या में 8% की गिरावट आई है। अब निवेशक बड़ी कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं, जबकि $2 मिलियन से कम वाली छोटी डील्स 96 से घटकर 83 रह गई हैं। ग्रोथ-स्टेज डील्स का मीडियन साइज बढ़कर $10.4 मिलियन हो गया है, जो साफ दिखाता है कि प्राइवेट निवेशक अब कम जोखिम लेना चाह रहे हैं।
सेक्टर का हाल
टेक्नोलॉजी और B2B सॉफ्टवेयर सेक्टर को तगड़ा झटका लगा है, जहां डील वॉल्यूम में 27% की भारी गिरावट देखी गई है। हालांकि, ई-कॉमर्स सेक्टर में 14% और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 17% की ग्रोथ देखी गई है, जो निवेशकों की बदली हुई प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
फंड से क्या उम्मीदें हैं?
RDI फंड का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स को 'फंडिंग विंटर' से बचाना है। बाजार के जानकारों की नजर अब इस पर है कि ये VC फर्में कितनी तेजी से इस सरकारी पूंजी को बाजार में उतारती हैं और क्या यह शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में डील्स की कमी को पूरा कर पाएगा या नहीं।
