### स्वदेशी टेक्नोलॉजी संप्रभुता को ₹1000 Cr की मिलेगी मजबूती
IIT Madras Research Park (IITMRP) और Unicorn India Ventures द्वारा ₹600 करोड़ का डीप टेक फंड स्थापित करना, जिसमें ₹400 करोड़ तक का ग्रीनशू ऑप्शन भी शामिल है, भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कदम राष्ट्रीय उद्देश्यों के साथ जुड़ा हुआ है, जिसका लक्ष्य उन्नत क्षेत्रों में आयातित समाधानों पर निर्भरता कम करके टेक्नोलॉजी संप्रभुता को मजबूत करना है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य रोबोटिक्स, स्पेसटेक, डिफेंस टेक, सेमीकंडक्टर और मेडटेक जैसे क्षेत्रों में मजबूत इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) और गहरी इंजीनियरिंग विशेषज्ञता वाली कम से कम 25 कंपनियों का एक पोर्टफोलियो तैयार करना है। यह पहल भारत के बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम में जमीनी रिसर्च और व्यावसायिक व्यवहार्यता के बीच की खाई को पाटने के लिए एक ठोस प्रयास का संकेत देती है।
### डीप टेक के लंबे डेवलपमेंट साइकिल्स को समझना
इस फंड की निवेश रणनीति को डीप टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट से जुड़े लंबे समय के ग्राफ को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह एक 'डुअल-स्टेज' (Dual-Stage) दृष्टिकोण अपनाता है। शुरुआत में, टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (TRL) 3-4 पर मौजूद अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स को प्रारंभिक कमर्शियलाइजेशन की बाधाओं को दूर करने के लिए औसतन ₹8-10 करोड़ का निवेश मिलेगा। बाद के फंडिंग्स में TRL 5-7 पर मौजूद कंपनियों को सपोर्ट किया जाएगा, ताकि सिद्ध टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट को गति मिल सके। एक अलग हिस्सा TRL 7-9 पर मौजूद लेट-स्टेज वेंचर्स को भी सहारा देगा, जिन्हें तेजी से स्केल-अप (Scale-up) और मार्केट पेनिट्रेशन (Market Penetration) के लिए कैपिटल की जरूरत होगी। Unicorn India Ventures, जिसके पास पहले से ही लगभग 30 कंपनियों का एक मजबूत डीप टेक पोर्टफोलियो है, इस फंड का प्रबंधन करेगा। यह फंड 'पेशेंट कैपिटल' (Patient Capital) पर जोर देता है, जिसमें 60% शुरुआती निवेश के लिए और 40% फॉलो-ऑन राउंड्स (Follow-on Rounds) के लिए आवंटित किया जाएगा। यह रणनीति हार्डवेयर और R&D-इंटेंसिव वेंचर्स में आम 'वैली ऑफ डेथ' (Valley of Death) जैसे कठिन चरणों से विजेताओं को निकालने के लिए महत्वपूर्ण है, जो सॉफ्टवेयर-केंद्रित VC रणनीतियों से अलग है और डीपटेक की पूंजी-गहन, लंबी अवधि की प्रकृति को स्वीकार करती है।
### इकोसिस्टम इंटीग्रेशन और स्ट्रेटेजिक अनिवार्यताएं
यह फंड ऐसे समय में आया है जब भारत महत्वपूर्ण तकनीकों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए आक्रामक रूप से प्रयास कर रहा है। IIT मद्रास के डायरेक्टर डॉ. कामकोटी वीझनाथन ने 'विकसित भारत 2047' को प्राप्त करने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जोर दिया है, जिसमें टेक्नोलॉजी संप्रभुता, AI, सेमीकंडक्टर, डिफेंस-टेक और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान दिया गया है। IITMRP, जो R&D और इन्क्यूबेशन का एक प्रमुख केंद्र है, और Unicorn India Ventures, एक सक्रिय डीप टेक निवेशक, के बीच की यह पार्टनरशिप विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप्स को विकसित करने में तेजी लाएगी। Unicorn India Ventures ने को-इन्वेस्टमेंट सेटअप के माध्यम से और IITM एलुमनी नेटवर्क, हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और संस्थागत निवेशकों से संपर्क करके फंड की पूंजी को बढ़ाने की योजना बनाई है, ताकि पोर्टफोलियो कंपनियों को मजबूत वित्तीय समर्थन मिल सके। इस सहयोगात्मक मॉडल का उद्देश्य अगले पीढ़ी के डीप टेक संस्थापकों का समर्थन करने के लिए सामूहिक ज्ञान, संसाधनों और उद्योग कनेक्शन को एक साथ लाना है। व्यापक भारतीय डीप टेक सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है, जिसे नेशनल क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) जैसी सरकारी नीतियों का भी समर्थन प्राप्त है, हालांकि विनिर्माण और R&D इंफ्रास्ट्रक्चर को स्केल करने में चुनौतियां बनी हुई हैं। भारत में अन्य प्रतिस्पर्धी फंड अक्सर समान रणनीतिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन इस नए फंड का पैमाना और IITM का समर्थन इसे अत्याधुनिक रिसर्च और टैलेंट तक पहुंचने में एक विशिष्ट लाभ प्रदान करता है।