स्टार्टअप्स का '360-डिग्री व्यू' तैयार करने की तैयारी
यह 'स्टार्टअप रजिस्ट्री और नेशनल इनोवेशन डेटाबेस' कंपनियों के फाउंडर की जानकारी, टेक्नोलॉजी डोमेन, फंडिंग की स्थिति, ग्रोथ का स्टेज और ज्योग्राफिक मौजूदगी जैसे बारीक डिटेल्स को रिकॉर्ड करेगा। साथ ही, इनोवेशन, प्रोडक्ट्स, पेटेंट्स, प्रोटोटाइप और कमर्शियलाइजेशन से जुड़े अहम डेटा को भी इकट्ठा किया जाएगा। इसे एक '360-डिग्री व्यू' देने के लिए इंक्यूबेटर्स, सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, मेंटर्स, निवेशकों और सरकारी योजनाओं में भागीदारी से जोड़ा जाएगा।
सरकारी सिस्टम्स से इंटीग्रेशन और टेक्नोलॉजी
इस सिस्टम को DPIIT स्टार्टअप इंडिया और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) जैसे मौजूदा सरकारी डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। यह सरकारी क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट होगा और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 (DPDP Act) जैसे नियमों का सख्ती से पालन करेगा, साथ ही CERT-In की गाइडलाइंस को भी मानेगा।
टेंडर की डेडलाइन और कॉन्ट्रैक्ट डिटेल्स
MeitY ने योग्य फर्मों से इस प्लेटफॉर्म को डिजाइन, डिप्लॉय और मेंटेन करने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। बिड जमा करने की आखिरी तारीख 26 मई है। यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती तौर पर एक साल के लिए होगा, जिसे परफॉरमेंस के आधार पर बढ़ाया जा सकता है।
इकोसिस्टम को रफ्तार देने में अहम भूमिका
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार परिपक्व हो रहा है। 2025 तक फंडिंग $9.1 बिलियन तक पहुंच सकती है, जिसमें डीपटेक और AI का बड़ा योगदान है। ऐसे में, एक यूनिफाइड डेटाबेस इन ट्रेंड्स को समझने, बेहतर पॉलिसी बनाने और लक्षित सहायता (targeted support) देने में मदद करेगा। यह प्राइवेट डेटा एनालिटिक्स फर्मों से अलग, सरकारी निगरानी और इकोसिस्टम विकास के लिए होगा।
संभावित चुनौतियां और आगे की राह
हालांकि, इस पहल की सफलता डेटा के बिखराव, प्राइवेसी (DPDP Act), और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों पर निर्भर करेगी। सरकारी डेटा प्लेटफॉर्म्स को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, इसलिए डेटा की गुणवत्ता और शासन (governance) पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 (DPDP Act) के सख्त प्रावधानों को मानना भी एक बड़ी चुनौती होगी।