IITM Unicorn Frontier Fund I ने **₹450 करोड़** की पहली क्लोजिंग पूरी कर ली है। इस फंड का लक्ष्य कुल **₹1,000 करोड़** जुटाकर भारत के उभरते डीपटेक (Deeptech) स्टार्टअप्स को मजबूती देना है।
डीपटेक में निवेश का नया अध्याय
IIT Madras रिसर्च पार्क और Unicorn India Ventures की यह साझा पहल देश के डीपटेक इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य डिफेंस, सेमीकंडक्टर और जेनेरेटिव AI जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना है, ताकि विदेशी आयात पर निर्भरता कम की जा सके। फंड ने दिसंबर 2026 तक ₹1,000 करोड़ का लक्ष्य रखा है।
पोर्टफोलियो में कौन सी कंपनियां?
फंड ने शुरुआत करते हुए ₹55 करोड़ का निवेश चार स्टार्टअप्स में कर दिया है:
- Hathor: रॉकेट इंजन डेवलपमेंट।
- Quanstra: क्वांटम इंस्ट्रूमेंटेशन।
- Triolt Energy: इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हाई-परफॉर्मेंस लिथियम-आयन सेल।
- Carbelim: माइक्रोएल्गी आधारित कार्बन कैप्चर तकनीक।
निवेशकों के लिए सावधानी
यह निवेश पारंपरिक सॉफ्टवेयर स्टार्टअप्स से बिल्कुल अलग है। यहाँ पूंजी 'पेशेंट कैपिटल' के रूप में काम करती है, जिसका मतलब है कि मुनाफा मिलने में लंबा समय लग सकता है। डीपटेक कंपनियों में रिसर्च और टेस्टिंग का खर्च बहुत ज्यादा होता है और लैब से मार्केट तक का सफर चुनौतीपूर्ण होता है। निवेशकों को यह समझना होगा कि यहां प्रोजेक्ट में देरी और स्केलिंग का रिस्क सामान्य से कहीं ज्यादा होता है।
अगले चरण में, मैनेजमेंट का लक्ष्य लगभग 25 इंजीनियरिंग-हेवी स्टार्टअप्स का पोर्टफोलियो तैयार करना है, जिसके लिए वे बैंकों और एलुमनाई निवेशकों से फंड जुटाने की तैयारी कर रहे हैं।
