Groww IPO: बम्पर कमाई पर पार्टनर्स में फूट! Peak XV में भारी इस्तीफे।

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AuthorMehul Desai|Published at:
Groww IPO: बम्पर कमाई पर पार्टनर्स में फूट! Peak XV में भारी इस्तीफे।
Overview

Groww के IPO से हुए भारी मुनाफे के बाद, Peak XV Partners के प्रमुख पार्टनर Ashish Agrawal, Ishaan Mittal और Tejeshwi Sharma ने फर्म से नाता तोड़ लिया है। कंपनी के अंदर पैसों के बंटवारे और 'कैरी इंटरेस्ट' (carried interest) को लेकर चल रहे विवादों को इन इस्तीफों की मुख्य वजह बताया जा रहा है। यह घटनाक्रम भारत की सबसे बड़ी वेंचर कैपिटल (VC) फर्म में हालिया नेतृत्व परिवर्तन की कड़ी में जुड़ा है।

पैसों के बटवारे का झगड़ा बना इस्तीफे की वजह

Groww के IPO की धमाकेदार सफलता के बाद, Peak XV Partners में अंदरूनी कलह की खबरें तेज़ हो गई हैं। फर्म के दिग्गज पार्टनर Ashish Agrawal, Ishaan Mittal और Tejeshwi Sharma ने कंपनी छोड़ दी है। इस इस्तीफे की जड़ में Groww में किए गए निवेश से हुए भारी-भरकम मुनाफे का बंटवारा है। Peak XV ने Groww में करीब ₹230 करोड़ का निवेश किया था, जो IPO के बाद ₹17,300 करोड़ के आस-पास पहुंच गया। इसी 'विंडफॉल' (windfall) यानी बम्पर कमाई के बटवारे को लेकर पार्टनर्स के बीच व्यक्तिगत भुगतान (payouts) और भविष्य के फंड के लिए 'कैरी इंटरेस्ट' (carried interest) की संरचना पर मतभेद उभर आए।

मैनेजमेंट का सख्त रवैया और बढ़ता तनाव

सूत्रों की मानें तो फर्म के मैनेजिंग पार्टनर Shailendra Singh समेत वरिष्ठ नेतृत्व, Groww से हुए इस असाधारण मुनाफे के बावजूद, पहले से तय भुगतान की शर्तों में बदलाव के लिए तैयार नहीं थे। इसी 'सख्त रवैये' ने कुछ ही दिनों में पार्टनर्स के बीच तनाव को बढ़ा दिया। हालांकि, इस मतभेद को संस्थागत (institutional) बनाम व्यक्तिगत (personal) मुद्दा बनाने की कोशिश की गई, यह कहते हुए कि वेंचर रिटर्न (venture returns) सामूहिक प्रयास का नतीजा होते हैं। लेकिन, इस झगड़े की असली जड़ें आर्थिक थीं। दरअसल, फर्म के अगले वेंचर फंड के लिए फंड जुटाने की प्रक्रिया के आखिरी दौर में 'कैरी' (carry) में हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग उठी, जिसने लिमिटेड पार्टनर्स (limited partners) के साथ अंतिम समझौतों को मुश्किल बना दिया।

रीब्रांडिंग के बीच लीडरशिप में हलचल

Ashish Agrawal, Ishaan Mittal और Tejeshwi Sharma, जिन्होंने करीब 15 साल तक साथ काम किया, उनके जाने से Peak XV Partners में नेतृत्व परिवर्तन की एक बड़ी लहर देखने को मिली है। यह सब तब हो रहा है जब फर्म ने ग्लोबल ब्रांड Sequoia Capital से अलग होकर रीब्रांडिंग (rebranding) की है। अनुमानों के मुताबिक, इस रीब्रांडिंग के बाद से वाइस-प्रेसिडेंट (vice-president) स्तर और उससे ऊपर के 35 से अधिक वरिष्ठ निवेशक और ऑपरेशनल लीडर फर्म छोड़ चुके हैं। Ajey Gore, Aaditya Sood और Anni Cai जैसे बड़े नामों के इस्तीफे ने फर्म में 'अस्थिरता' की कहानी को और हवा दी है। पोर्टफोलियो कंपनियों के संस्थापकों ने एक 'ब्लू-चिप फर्म' (blue-chip firm) के इस तरह टूटने पर चिंता जताई है, जो बोर्ड सीटों और ऑपरेशनल सपोर्ट में निरंतरता बनाए रखना चाहते हैं।

Peak XV Partners ने इन भुगतान चर्चाओं या इस्तीफे के हालातों के संबंध में किसी भी विशिष्ट सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया है।

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