दुनिया की दिग्गज वेंचर कैपिटल (VC) कंपनियों, जैसे Diffusion ONE और Industry Ventures, ने नए फंड्स के जरिए **$3 बिलियन** से ज्यादा की पूंजी जुटाई है। यह निवेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेकेंडरी मार्केट्स के प्रति संस्थानों के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
स्पेशलाइज्ड वेंचर कैपिटल फंड्स में पैसों की बाढ़ आ गई है। भले ही ग्लोबल इकोनॉमी सुस्त हो, लेकिन दिग्गज निवेशक अब AI और प्राइवेट कंपनी के शेयरों (सेकेंडरी मार्केट) पर बड़ा दांव लगा रहे हैं।\n\n### AI फंड्स में रिकॉर्ड निवेश\n\nपूर्व Benchmark पार्टनर्स द्वारा शुरू की गई फर्म Diffusion ONE ने अपना पहला AI-फोकस्ड फंड $1.25 बिलियन में क्लोज किया है। यह टारगेट $800 मिलियन से काफी ज्यादा है। कंपनी ने Harvey और Etched जैसे स्टार्टअप्स में पैसा लगाना भी शुरू कर दिया है, जो AI की नई दुनिया बनाने में जुटे हैं।\n\n### सेकेंडरी मार्केट का बढ़ रहा क्रेज\n\nIndustry Ventures ने $1.7 बिलियन का नया फंड जुटाया है। सेकेंडरी मार्केट का मतलब है कि निवेशक प्राइवेट कंपनियों के शेयर, उनके अर्ली इन्वेस्टर्स या कर्मचारियों से सीधे खरीद सकते हैं। चूंकि IPO कम आ रहे हैं, इसलिए OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों में निवेश पाने का यह सबसे बेहतर जरिया बन गया है।\n\n### बड़ी फर्मों की रणनीति\n\nBenchmark ने $360 मिलियन से ज्यादा के नए फंड के लिए फाइलिंग की है, जबकि 8VC अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करते हुए AI सेक्टर में और गहराई से उतर रही है। इन कंपनियों के पास फिलहाल काफी 'ड्राई पाउडर' यानी नकद पूंजी मौजूद है।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)\n\nबाजार में उत्साह तो है, लेकिन रिस्क भी कम नहीं है। कई AI स्टार्टअप्स का वैल्यूएशन फिलहाल उनकी 'संभावित कमाई' पर टिका है, न कि 'असली मुनाफे' पर। अगर AI सेक्टर में रिवेन्यू ग्रोथ उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई, तो इन भारी निवेशों पर भारी दबाव आ सकता है। साथ ही, IPO न आने से निवेशकों को पैसा निकालने (Exit) में देरी हो सकती है, जो एक बड़ी चुनौती है।
