नंदन नीलेकणी और संजीव अग्रवाल द्वारा को-फाउंड की गई Fundamentum Partnership ने अपने तीसरे वेंचर फंड के लिए **₹3,000 करोड़** का फंड जुटा लिया है। कंपनी का लक्ष्य इसे **₹3,500 करोड़** तक ले जाने का है, और अब उनका मुख्य फोकस AI और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर है।
बड़े फंड का लक्ष्य
Fundamentum Frontier Advisors फिलहाल बचे हुए ₹500 करोड़ के लिए बातचीत कर रही है, ताकि अगले 2 महीने के भीतर फंड का कुल साइज ₹3,500 करोड़ तक पहुंच सके। यह फंड कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी पूंजी जुटाने की कवायद है, जो सीधे तौर पर स्टार्टअप इकोसिस्टम में बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।
क्यों AI और डीप-टेक पर जोर?
कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां फोकस केवल सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) कंपनियों पर था, वहीं अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप-टेक पर निवेश किया जाएगा। इन सेक्टरों में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए भारी-भरकम पूंजी की जरूरत होती है, जिसके लिए अब फंड के पास पर्याप्त 'पावर' होगी।
कौन कर रहा है निवेश?
इस फंड की सबसे बड़ी खासियत इसके घरेलू निवेशक हैं। कुल निवेश का 70% हिस्सा भारतीय फैमिली ऑफिसों (Family Offices) से आया है, जबकि बाकी 30% इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से जुटाया गया है। यह दिखाता है कि भारत के हाई-नेट-वर्थ परिवार अब पैसिव निवेश से हटकर सीधे वेंचर कैपिटल की ओर रुख कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
वेंचर कैपिटल एक लॉन्ग-टर्म और हाई-रिस्क एसेट क्लास है। इसमें लिक्विडिटी पब्लिक मार्केट के मुकाबले कम होती है। हालांकि, यह कदम दर्शाता है कि भारतीय टेक सेक्टर अब मैच्योर हो रहा है। फर्म की अगली चुनौती ऐसे स्टार्टअप्स को ढूंढना है जो बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में टिक सकें और निवेशकों को मुनाफा कमा कर दे सकें।
