Fundamentum Frontier Advisors (F2A) ने अपने नए ग्रोथ-स्टेज फंड के लिए **₹3,000 करोड़** जुटा लिए हैं, और निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए इसे बढ़ाकर **₹3,500 करोड़** कर दिया गया है। इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी इस फंड के एंकर इन्वेस्टर हैं।
फंड का लक्ष्य और निवेश रणनीति
F2A ने इस फंड के जरिए अगले 2 से 3 सालों में 12 से 15 चुनिंदा कंपनियों में निवेश करने का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक कंपनी में ₹100 करोड़ से ₹200 करोड़ तक का निवेश किया जाएगा। कंपनी का मुख्य फोकस उन स्टार्टअप्स पर है जो Series B या उसके बाद की स्टेज पर हैं और अपनी तकनीक को ग्लोबल लेवल पर ले जाने के लिए तैयार हैं। यह फंड मुख्य रूप से AI, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और डीपटेक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों को सपोर्ट करेगा।
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में बदलाव
मैनेजमेंट का मानना है कि भारतीय स्टार्टअप अब सर्विस-ओरिएंटेड मॉडल से हटकर खुद की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। कंपनी इन फाउंडर्स के लिए एक ब्रिज का काम करेगी, ताकि वे अपनी तकनीक को ग्लोबल मार्केट में स्थापित कर सकें और पब्लिक मार्केट एग्जिट (IPO) तक का सफर तय कर सकें।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
याद रखें कि Fundamentum Frontier Advisors एक प्राइवेट इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है, पब्लिकली लिस्टेड नहीं। इस फंड में 70% हिस्सा घरेलू और 30% अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का है। यह वेंचर कैपिटल निवेश है, इसलिए इसमें लिक्विडिटी का रिस्क होता है। यहाँ निवेश लंबी अवधि का कमिटमेंट है, जहां रिटर्न मिलने में कई साल लग सकते हैं। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि डीपटेक सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है, जिससे सही वैल्यूएशन पर डील हासिल करना एक बड़ी चुनौती है।
