Peekabox का जलवा! फूड-टेक स्टार्टअप ने जुटाए ₹14.5 करोड़

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AuthorAditya Rao|Published at:
Peekabox का जलवा! फूड-टेक स्टार्टअप ने जुटाए ₹14.5 करोड़

दुबई की फूड-टेक कंपनी Peekabox ने एक नई फंडिंग राउंड में ₹14.5 करोड़ जुटाए हैं। यह कंपनी रिटेलर्स और ग्राहकों को जोड़कर खाने की बर्बादी कम करने पर फोकस करती है, जहां ग्राहक डिस्काउंट पर अतिरिक्त सामान खरीद सकते हैं।

Peekabox ने जुटाई ₹14.5 करोड़ की फंडिंग

UAE की फूड-टेक कंपनी Peekabox ने हाल ही में लगभग ₹14.5 करोड़ ($1.5 मिलियन) की फंडिंग हासिल की है। यह स्टार्टअप के लिए एक बड़ा कदम है, जिसकी शुरुआत 2025 में हसन और ओमैर नाम के भाइयों ने की थी। दोनों भाई पहले इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में काम कर चुके हैं।

Peekabox एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है जो फूड एस्टैब्लिशमेंट्स और ग्राहकों के बीच की दूरी को पाटेगा और खाने की बर्बादी को रोकेगा। कंपनी बेकरी, ग्रॉसरी स्टोर, कैफे और रेस्टोरेंट जैसे बिजनेस के साथ पार्टनरशिप करती है। इन बिजनेस को अपने ऐसे अनसोल्ड स्टॉक को लिस्ट करने का मौका मिलता है जो एक्सपायरी के करीब हैं। ग्राहक कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए इन आइटम्स को डिस्काउंट पर खरीद सकते हैं।

बिजनेस मॉडल और मार्केट में पहुंच

रिटेल बिजनेस के लिए, यह प्लेटफॉर्म उन प्रोडक्ट्स पर कुछ हद तक पैसा वापस पाने का जरिया है जो वरना फेंक दिए जाते। ग्राहकों को भी सस्ते दामों पर खाने के विकल्प मिल जाते हैं। कंपनी का दावा है कि लॉन्च के बाद से उसके मोबाइल ऐप को 100,000 से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। फूड-टेक सेगमेंट में यह यूजर बेस का साइज शुरुआती दौर में एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर है।

निवेशकों का नजरिया और ऑपरेशनल चुनौतियां

फूड-टेक और सस्टेनेबिलिटी स्पेस में काम करने वाले स्टार्टअप्स को अक्सर लॉजिस्टिक्स और यूनिट इकोनॉमिक्स को लेकर काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खराब होने वाले सामानों को मैनेज करने के लिए हाई ऑपरेशनल एफिशिएंसी की जरूरत होती है। यह फंडिंग भले ही कंपनी को स्केल करने के लिए जरूरी पूंजी दे, लेकिन हेल्दी मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अतिरिक्त सामानों की लॉजिस्टिक्स को कितने प्रभावी ढंग से मैनेज करती है, बिना किसी हाई डिलीवरी या स्टोरेज कॉस्ट के।

निवेशक आमतौर पर इस सेक्टर में 'बर्न रेट' (जिस स्पीड से कंपनी कैश खर्च करती है) और नए यूजर्स को एक्वायर करने की लागत पर नजर रखते हैं। क्योंकि यह प्लेटफॉर्म थर्ड-पार्टी फूड एस्टैब्लिशमेंट्स पर निर्भर करता है, इसका ग्रोथ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि यह जहां ऑपरेट करती है, वहां पार्टनर नेटवर्क कितना घना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इस ₹14.5 करोड़ का इस्तेमाल अपने पार्टनर नेटवर्क को बढ़ाने या अपनी टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में कितनी कुशलता से करती है।

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