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Fidelity का Gupshup पर बड़ा झटका! AI फर्म का वैल्यूएशन **80%** गिरा, जानिए वजह

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Fidelity का Gupshup पर बड़ा झटका! AI फर्म का वैल्यूएशन **80%** गिरा, जानिए वजह
Overview

Fidelity Investments ने AI कंपनी Gupshup के वैल्यूएशन में भारी कटौती की है। कंपनी ने इसका वैल्यूएशन **80%** घटाकर **$280-300 मिलियन** कर दिया है, जो 2021 में **$1.4 बिलियन** था। यह कदम टेक सेक्टर में चल रहे दबाव को दर्शाता है।

टेक सेक्टर पर दबाव, Gupshup के वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट

Fidelity Investments का यह फैसला, जिसने Gupshup के वैल्यूएशन को 80% तक गिरा दिया है, वेंचर कैपिटल (Venture Capital) की दुनिया में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। 2021 में $1.4 बिलियन का वैल्यूएशन रखने वाली यह कंपनी अब केवल $280-300 मिलियन की मानी जा रही है। यह दिखाता है कि तेजी से ग्रोथ करने वाले टेक स्टार्टअप्स को अब निवेशकों की कड़ी जांच का सामना करना पड़ रहा है। अब आक्रामक ग्रोथ की बजाय प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जो मौजूदा आर्थिक माहौल को दर्शाता है।

Gupshup की पिछली फंडिंग और ग्रोथ के प्रयास

हालांकि, हालिया गिरावट के बावजूद, Gupshup ने पिछले साल $60 मिलियन से ज्यादा की फंडिंग (Funding) जुटाई थी। यह पैसा उसके कन्वर्सेशनल AI (Conversational AI) और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (Messaging Platform) को बढ़ाने के लिए था, ताकि भारत, मध्य पूर्व, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका जैसे बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर सके।

ऑपरेशनल चुनौतियां और वित्तीय प्रदर्शन

2004 में स्थापित Gupshup, मैसेजिंग APIs से आगे बढ़कर AI-संचालित कस्टमर एंगेजमेंट सॉल्यूशंस (Customer Engagement Solutions) तक विकसित हुई। लेकिन कंपनी को कई महत्वपूर्ण बिजनेस चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें आक्रामक विस्तार की अवधि के बाद लगभग 300 कर्मचारियों की छंटनी (Job Cuts) भी शामिल है। Gupshup का मुख्य बाजार भारत है, जहां से उसे 60% रेवेन्यू (Revenue) मिलता है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, भारत से रेवेन्यू 5% गिरकर ₹1,943 करोड़ हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट (Net Profit) 52% घटकर ₹26 करोड़ रह गया।

क्लाइंट बेस और भविष्य की उम्मीदें

बाकी 40% रेवेन्यू अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस (International Operations) से आता है। इसके ग्राहक आधार का करीब 60% ई-कॉमर्स (E-commerce), फिनटेक (Fintech) और बैंकिंग (Banking) जैसे बड़े एंटरप्राइजेज (Enterprises) हैं, जो इसके AI-संचालित प्लेटफॉर्म पर निर्भर करते हैं। कंपनी की क्षमता, विशेष रूप से आंतरिक पुनर्गठन और जारी टेक सेक्टर की मंदी के बीच, इन प्रमुख खातों के साथ व्यवसाय बनाए रखने और बढ़ाने की, उसके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगी।

स्टार्टअप इकोसिस्टम पर व्यापक असर

Fidelity का यह बड़ा वैल्यूएशन कट भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) में भी हलचल मचा सकता है। इससे निवेशकों का सतर्क रवैया और मजबूत होगा, और बाकी स्टार्टअप्स को भी अपने वैल्यूएशन को लेकर यथार्थवादी होना पड़ेगा। अब 'विकास ही सब कुछ है' वाली सोच से हटकर, टिकाऊ ग्रोथ और मुनाफे पर ध्यान केंद्रित करने का दौर आ गया है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.