डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म Fibe (Social Worth Technologies) ने अपना IPO लाने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने फ्रेश इश्यू के जरिए ₹750 करोड़ जुटाने के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए हैं, जिसका उपयोग लेंडिंग सब्सिडियरी और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में किया जाएगा।
बाजार में धाक जमाने की तैयारी
डिजिटल लेंडिंग ब्रांड Fibe ने अब पब्लिक मार्केट में कदम रखने का फैसला किया है। कंपनी ने 30 जून, 2026 को SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए हैं। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़े बदलाव की तरह है, जो तेजी से विस्तार के बाद अब अपनी विकास गाथा को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहती है।
फाइनेंशियल हेल्थ और ग्रोथ
कंपनी ने शानदार आंकड़े पेश किए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,585 करोड़ रहा और इसने ₹257 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। निवेशकों के लिए कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सबसे बड़ा आकर्षण है, जो फाइनेंशियल ईयर 2024 के ₹4,064 करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 तक ₹8,603 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
फंड का इस्तेमाल और तकनीक पर फोकस
IPO से मिलने वाले ₹750 करोड़ का मुख्य हिस्सा कंपनी की लेंडिंग सब्सिडियरी, EarlySalary Services Private Limited (ESPL) की पूंजी बढ़ाने में खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग क्षमताओं को और एडवांस बनाने पर जोर दे रही है ताकि क्रेडिट रिस्क को बेहतर तरीके से पहचाना जा सके।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
हालांकि कंपनी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन निवेशकों को कुछ सावधानियां भी बरतनी होंगी। कंपनी के कुल AUM में अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन का हिस्सा 77.4% है, जो आर्थिक अनिश्चितता के दौर में जोखिम पैदा कर सकता है। इसके अलावा, कंपनी अपनी फंडिंग के लिए बैंकों और NBFCs पर काफी हद तक निर्भर है। भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव या रेगुलेटरी नियमों में सख्ती आने से कंपनी के मार्जिन और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। अब निवेशकों की नजर SEBI की तरफ से आने वाली मंजूरी और IPO की टाइमलाइन पर टिकी है।
